गुरुवार, 20 अगस्त 2026

मऊ :छह माह के लिए शातिर अपराधी दिलशाद उर्फ मोनू जिलाबदर।।||Mau:Notorious criminal Dilshad alias Monu has been banished from the district for six months.||

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मऊ :
छह माह के लिए शातिर अपराधी दिलशाद उर्फ मोनू जिलाबदर।।
दो टूक : मऊ पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शातिर अपराधी दिलशाद उर्फ मोनू के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट मऊ के आदेश के क्रम में आरोपी को जनपद मऊ की सीमा से निष्कासित किया गया है।
मऊ। पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के निर्देशन में थाना कोतवाली नगर पुलिस ने गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की।
विस्तार :
पुलिस के मुताबिक दिलशाद उर्फ मोनू पुत्र इश्तेयाक उर्फ गामा, निवासी पठान टोला, थाना कोतवाली नगर, मऊ, उम्र करीब 40 वर्ष को छह माह की अवधि के लिए जनपद मऊ की सीमा से जिला बदर किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है।
कई मुकदमों में दर्ज है आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार दिलशाद उर्फ मोनू के खिलाफ कोतवाली मऊ में विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में मारपीट, बलवा और धमकी, एनडीपीएस एक्ट, चोरी के माल की बरामदगी, पशु क्रूरता अधिनियम तथा आबकारी अधिनियम से संबंधित मामले शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2006 में आबकारी अधिनियम, वर्ष 2018 में मारपीट, बलवा व धमकी, वर्ष 2019 और 2020 में एनडीपीएस एक्ट तथा वर्ष 2024 में चोरी के माल की बरामदगी एवं पशु क्रूरता अधिनियम से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई जिला बदर की कार्रवाई का मकसद जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।