सीतापुर :
जलभराव से बेहाल ग्रामीणों ने समाज सेलक का वाहन रोका, बोले—‘साहब! गंदगी में रहने को मजबूर हैं हम’।।
दो टूक : सीतापुर जनपद के सिधौली तहसील क्षेत्र के गोंदलामऊ ब्लॉक अंतर्गत गुजरेहटा गांव में जलभराव और बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को उस समय सामने आया, जब उन्होंने समाज सेवक मनीष श्रीवास्तव का वाहन रोककर गांव की बदहाली दिखाई। ग्रामीणों ने सड़क पर भरे गंदे पानी और जलनिकासी की समस्या दिखाते हुए अपनी पीड़ा बयां की।
ग्रामीणों का कहना था कि “हम गरीब हैं साहब, गंदगी में रहने के लिए मजबूर हैं।” ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन गांव की मूलभूत समस्याओं पर कोई जनप्रतिनिधि गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव की सड़क पर 12 महीने जलभराव की स्थिति बनी रहती है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है। इससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों और महिलाओं को अस्पताल व बाजार पहुंचने तथा किसानों को खेतों तक जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का दावा है कि गंदे पानी से होकर लगातार गुजरने के कारण पैरों में संक्रमण जैसी समस्याएं भी हो रही हैं।
वहीं छत्रपाल,महिपाल,आशोक,विनोद,गोपी,चन्द्रभान, कून्नू, रामधारी,चन्दन,नीरज, मायाराम,सुखीराम समेत जागरूक ग्रामीणों ने आशंका जताई कि लंबे समय से जमा गंदे पानी और गंदगी के कारण डेंगू, संक्रामक रोग और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि खराब सड़क और जलभराव को लेकर ग्राम प्रधान तथा विधायक से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद समाज सेवक एवं भाजपा युवा नेता मनीष श्रीवास्तव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे और समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
अब सवाल यह है कि बारह महीने जलभराव झेल रहे गुजरेहटा गांव के ग्रामीणों को आखिर कब मिलेगी जलनिकासी और सड़क की स्थायी सुविधा? ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर जलनिकासी और सड़क निर्माण की ठोस व्यवस्था कराने की मांग की है।
