मंगलवार, 11 अगस्त 2026

प्रयागराज :कूटरचित दस्तावेजों से ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार।।Prayagraj:Four accused arrested for online betting using forged documents.||

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प्रयागराज  :
कूटरचित दस्तावेजों से ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार।।
दो टूक : यूपी एसटीएफ ने  कूटरचित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी का संगठित गिरोह संचालित करने वाले गैंग के चार आरोपियों को प्रयागराज के मेजा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, आठ स्मार्ट मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में सिम कार्ड, यूपीआई क्यूआर कोड, साउंड बॉक्स, आधार कार्ड, फिंगर स्कैनर और 23 हजार रुपये नकद समेत अन्य सामग्री बरामद हुई है।
विस्तार
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपियों द्वारा rolexpanel.win वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग/सट्टेबाजी का संचालन किया जा रहा था। गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड सक्रिय कराकर उनसे बैंक खाते और यूपीआई आईडी तैयार करता था। इन्हीं माध्यमों से ऑनलाइन रकम का लेनदेन किया जाता था।
चार आरोपी गिरफ्तार
एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बृजेश कुमार सिंह उर्फ टीटू (26) निवासी शम्भूचक, मेजा प्रयागराज, अभिषेक कुमार (20) निवासी दिलबहार कॉलोनी, वाराणसी, प्रिन्स कुमार उर्फ गौतम (20) निवासी उरूया, प्रयागराज और मितेश प्रधान (26) निवासी रायगढ़, छत्तीसगढ़ के रूप में की है।
बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सिम बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक टैबलेट, आठ स्मार्ट मोबाइल फोन, पैक्ड एवं एक्टिव सिम कार्ड, कागज में लिपटे सिम, 10 यूपीआई क्यूआर कोड स्टीकर, एक क्यूआर कोड स्टैंड, पांच क्यूआर कोड साउंड बॉक्स, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, तीन आधार कार्ड, ऑप्टिकल फिंगर स्कैनर, जियो एयर फाइबर सेट, तीन रजिस्टर और 23 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग/सट्टेबाजी से संबंधित 32 स्क्रीनशॉट भी मिले हैं।
फर्जी पहचान पर सिम और यूपीआई से करते थे लेनदेन
पूछताछ में मुख्य आरोपी बृजेश कुमार सिंह उर्फ टीटू ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन गेमिंग/सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहा था। गिरोह दूसरे लोगों के दस्तावेजों पर सिम कार्ड तैयार कराकर उन्हें सक्रिय करता था। इसके बाद एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते खुलवाकर यूपीआई आईडी और एमपिन तैयार किए जाते थे।
किसी मोबाइल नंबर पर अत्यधिक लेनदेन होने के बाद नंबर ब्लॉक या बंद होने पर दूसरा सिम सक्रिय कर लिया जाता था। अलग-अलग मोबाइल फोन के जरिए विभिन्न खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए जाते थे और सफल भुगतान के स्क्रीनशॉट ऑनलाइन गेमिंग एडमिन के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजे जाते थे।
एसटीएफ के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए गेम ऑफ चांस के नाम पर सट्टेबाजी कराता था और रकम को सीधे अपने खातों में न मंगाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करता था।
मुर्गी फार्म से चल रहा था नेटवर्क
एसटीएफ की कार्रवाई 10 अगस्त 2026 की रात करीब 10 बजे मेजा थाना क्षेत्र के ग्राम मिश्रपुर में बृजेश कुमार सिंह के मुर्गी फार्म के पूर्वी हिस्से में की गई। सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज की टीम ने पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में की।
मेजा थाने में मुकदमा दर्ज
चारों आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली मेजा, प्रयागराज में मु0अ0सं0 421/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।