गुरुवार, 20 अगस्त 2026

मऊ :कानून व्यवस्था एवं अभियोजन की मासिक समीक्षा में प्रभावी पैरवी और अपराध नियंत्रण पर जोर।।Mau:Effective advocacy and crime control were emphasized in the monthly review of law and order and prosecution.||

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मऊ :
कानून व्यवस्था एवं अभियोजन की मासिक समीक्षा में प्रभावी पैरवी और अपराध नियंत्रण पर जोर।।
अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार ने अधिकारियों को दिए कड़े एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी  प्रवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अभियोजन कार्यों, विभिन्न अधिनियमों के तहत दर्ज मुकदमों, जमानत प्रकरणों तथा जिले की कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
अभियोजन शाखा की समीक्षा के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि जुलाई माह में अधीनस्थ न्यायालयों में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के कुल 133 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 37 मामलों में सजा, 13 में रिहाई, 48 में सुलह, 27 में सत्र सुपुर्द तथा 8 मामलों में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई हुई। वहीं अन्य अधिनियमों के तहत 294 वाद दायर हुए तथा 309 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 307 मामलों में सजा हुई।
सत्र न्यायालय में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के 39 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें 11 में सजा और 27 में रिहाई हुई। एससी/एसटी एक्ट के चार वादों में दो में सजा तथा दो मामले मृत्यु के कारण बंद किए गए। गैंगस्टर एक्ट के पांच मामलों में एक में सजा और तीन में रिहाई हुई। पॉक्सो एक्ट के चार मामलों में एक में सजा तथा तीन में रिहाई हुई।
इस प्रकार जुलाई माह में अधीनस्थ एवं सत्र न्यायालयों में कुल 502 मुकदमों का निस्तारण हुआ। इनमें 364 मामलों में सजा, 47 में रिहाई, 48 में सुलह, 29 में सत्र सुपुर्द तथा 14 मामलों में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई की गई।
जमानत प्रकरणों में प्रभावी पैरवी के निर्देश
जमानत प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 596 जमानती प्रपत्र प्रस्तुत हुए, जिनमें 513 में जमानत स्वीकृत तथा 83 में जमानत अस्वीकृत हुई। अपर जिलाधिकारी ने जमानत स्वीकृत होने की अधिक संख्या पर चिंता जताते हुए अभियोजन पक्ष को मजबूत एवं प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मजबूत तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पैरवी करते हुए अधिक से अधिक जमानत अपीलों को खारिज कराने के प्रयास किए जाएं, ताकि दोषियों को प्रभावी सजा दिलाई जा सके।
अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अपर जिलाधिकारी ने अवैध एवं जहरीली शराब तथा मादक पदार्थों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए। जनवरी से जुलाई तक कुछ थानों में अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की धीमी प्रगति पर भी उन्होंने गंभीरता दिखाई। सभी क्षेत्राधिकारियों को नियमित समीक्षा करते हुए विवेचनाएं शीघ्र पूरी कराने और समय से चार्जशीट दाखिल कराने के निर्देश दिए गए।
गैंगस्टर और गुंडा एक्ट में प्रभावी कार्रवाई पर जोर
बैठक में महिला अपराध, एससी/एसटी एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, पॉक्सो एक्ट एवं गुंडा एक्ट की भी विस्तृत समीक्षा की गई। एससी/एसटी एक्ट के पीड़ितों को शासन द्वारा अनुमन्य मुआवजा समय से उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गैंगस्टर एक्ट की समीक्षा में अपर जिलाधिकारी ने कुर्की की कार्रवाई का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए गुणात्मक एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर किए जाने वाले अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिला बदर अपराधियों को नियमानुसार जिले की सीमा से बाहर किए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्रवाई का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हो।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त थाना प्रभारी तथा अभियोजन पक्ष के अधिकारी उपस्थित रहे।