गुरुवार, 20 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: जापान से जुड़ा गलगोटियास यूनिवर्सिटी का टैलेंट और टेक्नोलॉजी कनेक्शन, 200 सदस्यीय यामानाशी प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत!!

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गौतमबुद्धनगर: जापान से जुड़ा गलगोटियास यूनिवर्सिटी का टैलेंट और टेक्नोलॉजी कनेक्शन, 200 सदस्यीय यामानाशी प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

ग्रीन हाइड्रोजन रिसर्च से ग्लोबल करियर तक दो अहम समझौते, यामानाशी के गवर्नर बोले- 30 साल पहले ऐसा अवसर मिलता तो जरूर लेता दाखिला

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 20 अगस्त 2026। भारत और जापान के बीच शिक्षा, तकनीक, अनुसंधान और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में गलगोटियास यूनिवर्सिटी में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में पहुंचे करीब 200 सदस्यीय उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल का यूनिवर्सिटी परिसर में भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए ग्लोबल करियर के अवसर बढ़ाने और ग्रीन हाइड्रोजन एवं क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते किए गए।

यामानाशी प्रीफेक्चर गवर्नमेंट के साथ एमओयू तथा यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) के जरिए टैलेंट मोबिलिटी, स्किल डेवलपमेंट, स्टूडेंट एवं फैकल्टी एक्सचेंज और संयुक्त अनुसंधान के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की नींव रखी गई। इस पहल को उत्तर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने और भारत-जापान के अकादमिक एवं तकनीकी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

टैलेंट मोबिलिटी से क्लीन एनर्जी रिसर्च तक सहयोग

कार्यक्रम के दौरान जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जेट्रो) की ओर से विशेष प्रस्तुति दी गई। इसमें भारत और जापान के बीच इंडस्ट्री, टैलेंट और वर्कफोर्स पार्टनरशिप को मजबूत करने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। औपचारिक कार्यक्रम के बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल के अलग-अलग समूहों ने यूनिवर्सिटी के विभिन्न केंद्रों, प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का दौरा किया।

जापानी प्रतिनिधियों के एक समूह ने यूनिवर्सिटी की फैकल्टी के साथ ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में विस्तार से चर्चा की। बैठक में क्लीन एनर्जी, लो-कार्बन मोबिलिटी, संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी विकास तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक और तकनीकी सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा, “यदि यह 30 वर्ष पहले होता, तो मैं गलगोटियास यूनिवर्सिटी में अवश्य प्रवेश लेता।” उनके इस कथन के बाद कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और प्रतिनिधियों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।

हेल्थकेयर से एआई, ड्रोन और सेमीकंडक्टर तक देखा मॉडल

प्रतिनिधिमंडल के दूसरे समूह ने यूनिवर्सिटी के डिजिटल नर्सिंग स्किल्स एंड सिमुलेशन सेंटर का दौरा किया। यहां नर्सिंग और हेल्थ साइंसेज पर आयोजित विशेष सत्र में जापानी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान हेल्थकेयर एजुकेशन, आधुनिक प्रशिक्षण और वर्कफोर्स डेवलपमेंट के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

जापानी प्रतिनिधियों ने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया और उनके कैंपस अनुभव, भारतीय संस्कृति, शिक्षा तथा भविष्य की करियर आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।

इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने आईओएस डेवलपमेंट सेंटर, एलएंडटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया। प्रतिनिधियों ने यूनिवर्सिटी के इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड टीचिंग एवं रिसर्च मॉडल को करीब से समझा और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की व्यवस्था का अवलोकन किया।

विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे ग्लोबल करियर के नए रास्ते

गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि इन समझौतों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए ग्लोबल करियर के वास्तविक और नए रास्ते तैयार होंगे। छात्रों को जापान में शिक्षा, प्रशिक्षण, स्किलिंग और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ रिसर्चर्स को ग्रीन हाइड्रोजन और क्लीन एनर्जी जैसी भविष्य की तकनीकों पर जापानी संस्थानों के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा।

कुलाधिपति सुनील गलगोटिया ने कहा कि भारत और जापान की मित्रता ज्ञान, अनुशासन, नवाचार और पारस्परिक सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश, तकनीक और प्रतिभा का केंद्र बनाने की दिशा से प्रेरित है।

दोनों पक्षों ने इन समझौतों को केवल औपचारिक दस्तावेज तक सीमित न रखते हुए स्टूडेंट एक्सचेंज, फैकल्टी कोलैबोरेशन, स्किलिंग, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और ज्वाइंट रिसर्च के ठोस कार्यक्रमों में बदलने की प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम में यामानाशी के उप-गवर्नर जुनिची इशिदेरा, यामानाशी सरकार के एडवाइजर नीरेंद्र उपाध्याय, उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह समेत भारत और जापान के शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि, अधिकारी, शोधकर्ता एवं गलगोटियास यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।