गुरुवार, 20 अगस्त 2026

लखनऊ :सुशांत गोल्फ सिटी में वाहन चोरों का आतंक, तीन वारदातों ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल।।||Lucknow:Vehicle thieves are terrorizing Sushant Golf City. Three incidents have exposed the security system. Police failed to register an FIR despite receiving information about the incident.||

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लखनऊ :
सुशांत गोल्फ सिटी में वाहन चोरों का आतंक, तीन वारदातों ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल।
चोरी घटना की सूचना के बाद पुलिस नही दर्ज की एफआईआर।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में वाहन चोरों के हौसले बुलंद हैं। अलग-अलग घटनाओं में घर के बाहर खड़ी ई-रिक्शा, मोटरसाइकिल और स्प्लेंडर प्लस बाइक चोरी हो गई। पीड़ितों ने लिखित तहरीर देते मुकदमा दर्ज कर वाहन बरामद कराने की पुलिस से गुहार लगाई है।
विस्तार :
जानकारी के अनुसार थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र अवध विहार प्रधानमंत्री आवास योजना निवासी राहुल यादव ने बताया कि बीते 25 जुलाई  की घर के बाहर से महिंद्रा ई-रिक्शा UP32 YN 1487 चोरी हो गया था । ई-रिक्शे में कंपनी का GPS लगा था, जिसकी लोकेशन तेलीबाग पेट्रोल पंप के आस-पास दिखाई दी, लेकिन तलाश के बावजूद वाहन नहीं मिला। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना उसी दिन चौकी अलकनंदा पर देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं किया। घटना को लगभग एक महीने होने पर बीते बुधवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है।
CCTV में कैद हुआ नकाबपोश चोर।
वहीं थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र शांति इन्क्लेव, अहमामऊ निवासी जितेंद्र कुमार की मोटरसाइकिल UP32 FU 0199 5 अगस्त को घर के बाहर से चोरी हो गई। वहीं आसपास लगे CCTV कैमरे में एक अज्ञात व्यक्ति मुंह बांधकर बाइक चोरी करता दिखाई दिया। पीड़ित ने घटना के बाद  e-FIR दर्ज कराया जो निरस्त होने पर थाने मे लिखित तहरीर देकर CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।
इकाना स्टेडियम के सामने से भी बाइक गायब।
तीसरी घटना में मनोज कुमार यादव की स्प्लेंडर प्लस बाइक UP32 RL 5435 1 जुलाई की रात इकाना स्टेडियम के सामने शहीद पथ रोड से चोरी हो गई। पीड़ित के मुताबिक वह बाइक खड़ी कर सामान लेने गए थे। वापस लौटे तो बाइक गायब मिली।
तीन अलग-अलग घटनाओं में वाहन चोरी की वारदातों ने सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में वाहन सुरक्षा और पुलिस गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं CCTV में चोर कैद है तो कहीं GPS वाहन की लोकेशन बता रहा पीड़ित, फिर भी चोरी हुए वाहन पीड़ितों के हाथ नहीं लग सके हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इन घटनाओं में मुकदमा दर्ज कर चोरों तक कब पहुंचती है और चोरी के वाहनों की बरामदगी होती है या नही।