गौतमबुद्धनगर: एमपी-3 मार्ग के अंडरपास की सड़क की गुणवत्ता परखेगा CRRI, तकनीकी जांच शुरू!!
सेक्टर-51, 52, 71 और 72 के अंडरपास में मैस्टिक एस्फाल्ट की मजबूती और टिकाऊपन की हो रही जांच
दो टूक//नोएडा। शहर की सड़क एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर एमपी-3 मार्ग स्थित जंक्शन नंबर-6 के सेक्टर-51, 52, 71 और 72 के अंडरपास में बिछाई गई मैस्टिक एस्फाल्ट सड़क की गुणवत्ता और मजबूती की तकनीकी जांच शुरू कराई गई है। इसके लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) की विशेषज्ञ तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया गया।
CRRI की टीम ने अंडरपास में सड़क की सतह का तकनीकी परीक्षण करते हुए मैस्टिक एस्फाल्ट की पकड़, चिपकाव और मजबूती का आकलन किया। तकनीकी विशेषज्ञ यह भी जांच कर रहे हैं कि लगातार वाहनों की आवाजाही, ब्रेक लगाने और अंडरपास में चढ़ाई के दौरान वाहनों की गति बढ़ने से सड़क की सतह पर कितना दबाव पड़ रहा है और इसका सड़क की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव हो रहा है।
लगातार यातायात के दबाव का भी होगा अध्ययन
अंडरपास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क की सतह पर लगातार पड़ने वाले भार और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए CRRI द्वारा विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़क की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन करना और भविष्य में सड़क को अधिक मजबूत एवं टिकाऊ बनाए जाने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय सुझाना है।
प्राधिकरण की ओर से बताया गया है कि तकनीकी परीक्षण के बाद CRRI द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सड़क की गुणवत्ता से संबंधित अंतिम तकनीकी निष्कर्ष परीक्षण परिणामों और मौके की परिस्थितियों के समग्र मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे।
जरूरत के मुताबिक होंगे सुधारात्मक कार्य
तकनीकी जांच के परिणाम सामने आने के बाद यदि सड़क की सतह में किसी प्रकार की कमी या सुधार की आवश्यकता सामने आती है, तो उसके अनुसार आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे। प्राधिकरण का उद्देश्य सड़क की सतह की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी मजबूती और टिकाऊपन को भी सुनिश्चित करना है, ताकि वाहन चालकों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
प्राधिकरण के इस कदम को शहर की प्रमुख सड़कों और अंडरपास की गुणवत्ता को वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। CRRI की विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।।
