शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

लखनऊ :हरे शीशम के पेड़ की कथित चोरी बनी हादसे की वजह,पेड़ मकान पर गिरा; बहू गंभीर घायल,घर क्षतिग्रस्त।।||Lucknow:The alleged theft of a green rosewood tree resulted in an accident; the tree fell on a house; the daughter-in-law was seriously injured and the house was damaged.||

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लखनऊ :
हरे शीशम के पेड़ की कथित चोरी बनी हादसे की वजह,पेड़ मकान पर गिरा; बहू गंभीर घायल,घर क्षतिग्रस्त।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में हरे शीशम के पेड़ को कथित रूप से चोरी-छिपे काटने का प्रयास एक बड़े हादसे में बदल गया। पेड़ असंतुलित होकर पड़ोसी के मकान पर गिर गया, जिससे घर में मौजूद महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विस्तार :
पुलिस में दर्ज तहरीर के अनुसार, ग्राम चुनौटी निवासी सतीश कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि 6 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:30 बजे वह किसी काम से घर से बाहर थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले इन्द्रबहादुर और उनके पुत्र धर्मेन्द्र सिंह उर्फ रामू ने उनके परिसर में खड़े कीमती हरे शीशम के पेड़ को कथित रूप से चोरी से काटकर ले जाने का प्रयास किया।
शिकायत के मुताबिक पेड़ काटने के दौरान आरोपितों की जल्दबाजी और लापरवाही के कारण पेड़ गलत दिशा में गिर गया और सीधे सतीश कुमार सिंह के मकान पर आ गिरा। इस हादसे में उनकी बहू गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उनका और उनके भाई का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिजनों ने घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरोजनीनगर पहुंचाया।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते पेड़ काटने का प्रयास नहीं रोका जाता तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था। उन्होंने आरोपितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हरे-भरे पेड़ पर्यावरण की अमूल्य धरोहर हैं। यदि किसी पेड़ को अवैध रूप से काटने के प्रयास में किसी की जान खतरे में पड़े और संपत्ति को नुकसान पहुंचे, तो यह केवल आपराधिक कृत्य नहीं बल्कि पर्यावरण के प्रति गंभीर लापरवाही भी है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अवैध पेड़ कटान पर प्रभावी रोक लग सके।