लखनऊ :
फर्जी चेक से ढाई लाख की निकासी करने वाला आरोपी प्रयागराज से गिरफ्तार।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने फर्जी चेक के जरिए बैंक खाते से ₹2.50 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विस्तार :
पुलिस के अनुसार लखनऊ के कोतवाली हजरतगंज क्षेत्र खदरा निवासी निदा खान ने 27 जनवरी 2025 को हजरतगंज थाने में तहरीर देकर बताया था कि 14 नवंबर 2024 को उनके बैंक खाते से फर्जी चेक के माध्यम से ₹2,50,000 निकाल लिए गए। हैरानी की बात यह रही कि जिस चेक से रकम निकाली गई, वह चेक उनकी चेकबुक में सुरक्षित मौजूद था।
पीड़िता ने बैंक पहुंचकर जानकारी ली तो पता चला कि निकाली गई रकम सुप्रीमो ट्रेडर्स के खाते में ट्रांसफर की गई थी,जिसका खाता धारक चांदबाबू था। शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान फर्जी चेक को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि चेक पर मौजूद हस्ताक्षर पीड़िता के नहीं थे। साथ ही चेक पर अंकित खाता संख्या और अन्य विवरणों में इरेजर से छेड़छाड़ किए जाने के निशान भी मिले।
विवेचना के दौरान आरोपी चांदबाबू पुत्र रईस अहमद निवासी मनौरी, थाना पूरामुफ्ती, जनपद प्रयागराज की तलाश की जा रही थी लेकिन वह लगातार पुलिस से बचता रहा। इसके बाद न्यायालय से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। वारंट के अनुपालन में विवेचक वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ प्रयागराज में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी चांदबाबू ने बताया कि वह सैलून की दुकान चलाता है। उसकी दुकान पर आने वाले अविनाश नामक व्यक्ति के कहने पर उसने चिप्स के कारोबार के नाम पर बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें उक्त रकम आई थी। पुलिस अब अविनाश की भूमिका और पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ हजरतगंज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 31/2025 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह और कांस्टेबल रोशन शामिल रहे।
