लखनऊ :
स्कूली बच्चों से भरी वैन खंती में पलटी, चीखते बच्चों को छोड़ भागा चालक, राहगीरों ने बचाई बच्चों की जान,जागा प्रशासन।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना नगराम क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब स्कूली बच्चों से भरी एक वैन सड़क किनारे गहरी खंती में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद वैन में फंसे बच्चे चीख-पुकार मचाते रहे, जबकि आरोप है कि चालक बच्चों को मौके पर छोड़कर भाग निकला। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और किसी तरह वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। गलीमत रही की हादसे में दो बच्चों को मामूली चोटें आईं, जबकि अन्य बच्चे सकुशल बताए गए। पुलिस ने सभी बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर थाना नगराम क्षेत्र-कुबहरा मार्ग पर स्कूल की छुट्टी के बाद चालक जसकरन वैन से कमालपुर स्थित निजी स्कूल के बच्चों को तमोरिया गांव उनके घर छोड़ने जा रहा था इसी दौरान तेज रफ्तार वैन का पहिया पानी भरे गड्ढे में जा घुसा। वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खंती में पलट गई। हादसे के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
वैन में आर्यन, लक्ष्मी, शौर्य साहू, कार्तिक, शिवांशू, सौरभ, पलक, ऋषि, रुद्र और ईशी समेत करीब दस बच्चे सवार बताए गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों और राहगीरों ने वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। पांच वर्षीय आर्यन और नौ वर्षीय लक्ष्मी को मामूली चोटें आईं, जबकि बाकी बच्चों को सुरक्षित बताया गया। सभी बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। और पुलिस ने वैन को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक जांच पड़ताल एवं कार्रवाई मे जुट गई।
जांच में खुली वैन की पोल, फिटनेस और बीमा दोनों खत्म।
स्कूली वैन हादसे के बाद पुलिस की जांच में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई। पुलिस के मुताबिक वैन की फिटनेस 15 अप्रैल 2025 को ही समाप्त हो चुकी थी जबकि उसका बीमा 20 मार्च 2026 को खत्म हो गया था। इसके बावजूद वाहन से स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा था।
इतना ही नहीं, पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि स्कूल प्रबंधक पवन ने करीब डेढ़ वर्ष पहले यह वैन उन्नाव के हसनगंज क्षेत्र निवासी बालेंद्र कुमार से खरीदी थी लेकिन वाहन का नियमानुसार ट्रांसफर तक नहीं कराया गया था।
स्कूल प्रबंधन पर भी उठे सवाल।
शुरुआत में स्कूल प्रबंधक पवन द्वारा वैन को निजी वाहन बताया गया लेकिन पूछताछ में सामने आया कि वैन करीब डेढ़ वर्ष पहले स्कूल के लिए खरीदी गई थी और बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल हो रही थी। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना वैध फिटनेस, बिना वैध बीमा और बिना ट्रांसफर के वाहन से स्कूली बच्चों की जिंदगी के साथ इतना बड़ा जोखिम आखिर किसकी जिम्मेदारी पर उठाया जा रहा था?
वैन सीज, चालक के लाइसेंस पर कार्रवाई की तैयारी।
थाना नगराम प्रभारी अंजनी कुमार सिंह के मुताबिक हादसे में दो बच्चों को मामूली चोटें आई हैं जबकि अन्य बच्चे सुरक्षित हैं। पुलिस ने वैन को सीज कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है तहरीर मिलने के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी
