गुरुवार, 20 अगस्त 2026

लखनऊ : आम के पेड़ों की कटान की खबर करना पड़ा भारी, लकड़ी माफिया ने पत्रकार को जान से मारने की दी धमकी।।Lucknow: Reporting on the felling of mango trees proved costly; the timber mafia threatened to kill the journalist.||

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लखनऊ : 
आम के पेड़ों की कटान की खबर करना पड़ा भारी, लकड़ी माफिया ने पत्रकार को जान से मारने की दी धमकी।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना बंथरा क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटान की शिकायत और खबर सामने लाने वाले एक पत्रकार ने क्षेत्रीय लकड़ी ठेकेदार करीम और उसके साथियों पर फोन पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और घर से उठवा लेने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पत्रकार ने बंथरा पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मामले में गंभीरता से कार्रवाई की मांग की है। सवाल सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा का नहीं बल्कि अवैध लकड़ी कारोबार के पीछे सक्रिय नेटवर्क और उसे मिलने वाले कथित संरक्षण की जांच का भी है। 
विस्तार : 
मिली जानकारी के अनुसार थाना बन्थरा क्षेत्र नींवा गांव निवासी कमलेश कुमार चौधरी एक प्रतिष्ठित समाचार संस्थान में पत्रकार है इनके मुताबिक, 3 अगस्त 2026 को सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के रहीमाबाद में बड़े पैमाने पर आम के पेड़ों की कटान और जेसीबी से पेड़ों की जड़ें उखाड़े जाने की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद उन्होंने संबंधित वन अधिकारी से फोन पर जानकारी साझा की और लकड़ी ठेकेदार करीम से भी कटान के संबंध में जानकारी ली। आरोप है कि करीम ने फोन पर पेड़ काटे जाने की बात स्वीकार की थी।
इसके अगले दिन आम के पेड़ों की कटान का वीडियो वायरल हुआ। पत्रकार के अनुसार वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया।
कार्रवाई से बौखलाए लकड़ी माफिया ने दी धमकी ।।
शिकायतकर्ता पत्रकार का आरोप है कि कार्रवाई के बाद 4 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे ठेकेदार करीम ने फोन कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि फोन पर कहा गया कि वह नहीं जानता कि किस ठेकेदार से पाला पड़ा है और कहीं भी शिकायत करने पर उसे घर से उठवा लेने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने फोन कॉल की रिकॉर्डिंग मौजूद होने की बात कही है।
आरोप है कि रात करीब 10 बजे तक लगातार फोन कर परेशान किया गया।
तीन साथियों के साथ घर पहुंचने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसके मुताबिक 6 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे करीम अपने तीन साथियों के साथ उसके निजी आवास पर पहुंचा और धमकी भरे लहजे में चेतावनी देकर चला गया।
पत्रकार ने आशंका जताई है कि उसके साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उसने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आम के बागों की कटान को लेकर उठाए सवाल।
शिकायत में क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आम के बागों में कथित अवैध कटान का भी मुद्दा उठाया गया है। आरोप लगाया गया है कि रातों-रात जेसीबी मशीनों के जरिए पेड़ों की जड़ें तक निकालकर लकड़ी का कारोबार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस तरह के मामलों को उजागर करने वाले पत्रकारों पर दबाव और उत्पीड़न किया जाता है।
हालांकि, क्षेत्रीय लकड़ी ठेकेदार करीम अथवा अन्य आरोपित पक्ष का इस संबंध में पक्ष सामने नहीं आया है। लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो टूक सवाल: अगर अवैध कटान की शिकायत करने और उसका सच सामने लाने पर किसी पत्रकार को धमकाया जाता है, तो सवाल सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा का नहीं बल्कि अवैध लकड़ी कारोबार के पीछे सक्रिय नेटवर्क और उसे मिलने वाले कथित संरक्षण की जांच का भी है।