लखनऊ :
योगी सरकार मे ग्रेजुएट पास बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में मिलेगी स्कूटी।।
दो टूक : रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों को कई बड़ी सौगातें दीं। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी वितरित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत प्रदेश की 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27 से 29 अगस्त तक महिलाओं और उनके एक सहयात्री को भी निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं।
महिला सुरक्षा और स्वावलंबन को सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े 12 करोड़ की आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता तक पूरी व्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि आज मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 और 112 का इंटीग्रेटेड रिस्पांस सिस्टम, महिला बीट पुलिस और महिला हेल्पडेस्क जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत कर रही हैं।
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंचेगी
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 45 हजार हो चुकी है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है और वर्तमान में 32 हजार की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। नई भर्ती के बाद प्रदेश के पुलिस बल में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 50 हजार हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियनें भी स्थापित की गई हैं। लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई और बदायूं में अवंती बाई के नाम से महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं।
2017 से पहले हर योजना पर मंडराती थी कमीशनखोरी की छाया
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा, सम्मान और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति खराब थी। पेंशन, छात्रवृत्ति और पुष्टाहार जैसी योजनाओं में बिचौलियों और माफिया के हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उस समय सरकारी योजनाओं पर कमीशनखोरी की ‘काली छाया’ मंडराती थी।
उन्होंने कहा कि उस दौर में बेटियां सुरक्षा के साथ-साथ सपना देखने से भी डरती थीं। सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिसमें बेटियां पढ़ाई, रोजगार और कारोबार के लिए बेफिक्र होकर आगे बढ़ सकें।
महिला कार्यबल की भागीदारी 36 प्रतिशत, लक्ष्य 50 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के आसपास प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। सरकार का लक्ष्य इसे 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी घर पर बैठ जाएगी तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, बीसी सखी, नमो ड्रोन दीदी, एफपीओ, ओडीओपी, एमएसएमई और स्टार्टअप के माध्यम से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया।
8 हजार न्याय पंचायतों में महिला डिजिटल इंटरप्रेन्योर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की 8 हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर के रूप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला परिवार और गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है।
महिला स्वयं सहायता समूह खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल और हैंडीक्राफ्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। सरकार महिलाओं के उत्पादों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
4 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की ओर
मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 जनपदों में संचालित बलिनी, काशी, सामर्थ्य, सृजिनी और बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी 4 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें बाजार और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी बराबर भागीदारी मिलेगी।
लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर बनेंगे कामकाजी महिला छात्रावास
मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन दौर में सुशासन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और महिला स्वावलंबन की मिसाल कायम की थी।
उन्होंने बताया कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी समेत विभिन्न जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक छात्रावास में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था होगी।
चूल्हे से चेक और चेक से कारोबार तक पहुंचीं महिलाएं
मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना, शौचालय, पक्के आवास, जल जीवन मिशन और डीबीटी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। सीधे बैंक खातों में धनराशि पहुंचने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, पेंशन, आवास और मातृ-शिशु पोषण जैसी योजनाओं के माध्यम से महिला जीवन के अलग-अलग पड़ावों को नीतिगत सहयोग दिया है।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह, उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
