मंगलवार, 11 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर:ग्रेटर नोएडा में IBET Expo-2026 का भव्य आगाज, बोले ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा—कचरे में छिपी है ऊर्जा, रोजगार और आर्थिक विकास की ताकत!!

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गौतमबुद्धनगर:ग्रेटर नोएडा में IBET Expo-2026 का भव्य आगाज, बोले ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा—कचरे में छिपी है ऊर्जा, रोजगार और आर्थिक विकास की ताकत!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी का हब बनाने की तैयारी, किसानों की अतिरिक्त आय से लेकर ग्रामीण रोजगार तक को मिलेगा बढ़ावा; निवेशकों से बोले मंत्री—‘यूपी आइए, कहीं भी प्लांट लगाइए’

दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 11 अगस्त। उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, बायोएनर्जी, निवेश और नई तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET Expo)-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। देश-विदेश से पहुंचे विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और तकनीकी कंपनियों की मौजूदगी में आयोजित एक्सपो में उत्तर प्रदेश की बायोएनर्जी क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को प्रमुखता से सामने रखा गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश आज स्वच्छ ऊर्जा और बायोएनर्जी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पीएम सूर्य घर योजना, CBG उत्पादन और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव के चलते उत्तर प्रदेश अब शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निवेश के अनुकूल राज्य के रूप में देश-दुनिया के निवेशकों का भरोसा जीत रहा है।

‘यूपी आइए, कहीं भी प्लांट लगाइए’

ऊर्जा मंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘आप आइए और उत्तर प्रदेश में कहीं भी अपने प्लांट लगाइए।’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। सुरक्षित वातावरण, बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योगों के लिए नीतिगत समर्थन के कारण यूपी निवेशकों के लिए भरोसेमंद डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है।

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था, गन्ना उत्पादन, कृषि अवशेष, जैविक कचरा और नगरीय ठोस कचरा बायोएनर्जी उत्पादन के लिए बड़े संसाधन हैं। जरूरत इन संसाधनों को वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक के जरिए उपयोग में लाने की है। इससे जहां स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, वहीं किसानों की अतिरिक्त आय, युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कचरे को समस्या नहीं, कमाई और ऊर्जा का जरिया बनाने पर जोर

ए.के. शर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है कि कचरे को केवल समस्या के रूप में देखने के बजाय उसे ऊर्जा, रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर के तौर पर देखा जाए। CBG, बायोगैस, बायोमास और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसी तकनीकें कचरा प्रबंधन के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और सर्कुलर इकोनॉमी को भी मजबूत कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि अवशेषों के बेहतर इस्तेमाल से किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिल सकती है। साथ ही गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा होंगे। बायोएनर्जी में निवेश प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के साथ ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई गति दे सकता है।

अवनीश अवस्थी बोले—बायोएनर्जी ट्रांजिशन में यूपी बड़ी ताकत बनकर उभर रहा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के बायोएनर्जी ट्रांजिशन में एक प्रमुख शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। प्रदेश के विशाल कृषि संसाधन, बढ़ता CBG इकोसिस्टम और मजबूत नीतिगत समर्थन इसकी बड़ी ताकत हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि और शहरी कचरे को ऊर्जा में बदलना, ग्रामीण रोजगार पैदा करना और किसानों की आय बढ़ाना बायोएनर्जी के क्षेत्र में बड़ा अवसर है। राज्य सरकार CBG और अन्य बायोएनर्जी परियोजनाओं के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और कुशल मानव संसाधन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर भी काम कर रही है।

अवनीश अवस्थी ने CBG उपकरण निर्माण और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के मजबूत सहयोग और उद्योग जगत की भागीदारी से उत्तर प्रदेश बायोएनर्जी को अपनी आर्थिक एवं सतत विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

देश के 30 फीसदी से ज्यादा CBG प्लांट यूपी में—डॉ. आशीष कुमार गोयल

उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा यूपीनेडा के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की बायोएनर्जी राजधानी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि देश के 30 प्रतिशत से अधिक CBG प्लांट उत्तर प्रदेश में हैं, जबकि प्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक राज्य है।

उन्होंने कहा कि सरकार की ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पहल का उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध विशाल बायोमास को ऊर्जा, आर्थिक मूल्य और किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका में बदलना है। क्षमता आधारित प्रोत्साहन के माध्यम से CBG और बायो-कोल परियोजनाओं के लिए निवेश का मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 84 CBG और 8 बायो-कोल प्लांट पाइपलाइन में हैं।

150 से अधिक कंपनियों ने लगाए स्टॉल

IBET Expo-2026 में देश-विदेश की 150 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कंपनियों द्वारा प्रदर्शित बायोएनर्जी, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीक और नवाचार से जुड़े उत्पादों एवं समाधानों की जानकारी ली।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने ‘भारत बायो एनर्जी कंपास’ वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। यह पहल बायोएनर्जी क्षेत्र से जुड़े निवेशकों, उद्योगों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर जानकारी और निवेश के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बायोएनर्जी से किसानों और गांवों की बदलेगी तस्वीर

इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के महानिदेशक संजय गंजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास विशाल कृषि आधार, पर्याप्त बायोमास संसाधन और मजबूत नीतिगत महत्वाकांक्षा है, जो उसे देश के महत्वपूर्ण बायोएनर्जी निवेश केंद्रों में शामिल करने की क्षमता रखती है।

उन्होंने कहा कि बायोएनर्जी के अगले चरण में निवेश, तकनीक, उद्योग और कुशल कार्यबल को एक साथ जोड़कर व्यावसायिक रूप से मजबूत और टिकाऊ इकोसिस्टम तैयार करना जरूरी है। IBET Expo सरकार, उद्योग और निवेशकों को एक मंच पर लाकर उत्तर प्रदेश में बायोएनर्जी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कुल मिलाकर, IBET Expo-2026 उत्तर प्रदेश की कृषि शक्ति, जैविक संसाधनों और ऊर्जा संभावनाओं को आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार से जोड़ने का बड़ा मंच बनकर सामने आया है। इससे स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ किसानों की अतिरिक्त आय, ग्रामीण रोजगार, उद्यमिता और प्रदेश के आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।।