रविवार, 16 अगस्त 2026

राजस्थान: दौसा में गूंजा गुर्जर एकता का संदेश, दिल्ली कूच का आह्वान; हरिश्चंद्र भाटी बोले—“उठो, जागो और दिल्ली की ओर चलो”

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राजस्थान: दौसा में गूंजा गुर्जर एकता का संदेश, दिल्ली कूच का आह्वान; हरिश्चंद्र भाटी बोले—“उठो, जागो और दिल्ली की ओर चलो”

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

राष्ट्रीय-प्रदेश प्रतिनिधि परिचय सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब, शिक्षा, संगठन और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर हुआ मंथन

दो टूक//दौसा, राजस्थान। राजस्थान के दौसा जिले में रविवार को गुर्जर समाज की सामाजिक एकता, शिक्षा, संगठन और राजनीतिक जागरूकता को समर्पित राष्ट्रीय एवं प्रदेश प्रतिनिधि परिचय सम्मेलन तथा मेधावी छात्र-छात्राओं का प्रतिभा सम्मान समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम फागना के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में राजस्थान समेत विभिन्न प्रदेशों से समाज के हजारों लोगों, राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर समाज की एकजुटता का संदेश दिया।

समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रूप सिंह बैंसला, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.पी. सिंह कसाना, सविंदर भाटी, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष रेनू चौधरी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सुंदर चौधरी, गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, इंद्राज सिंह विधूड़ी, रामकेश चपराना, उदित नारायण बैसला, पंकज रोसा, जगवीर दौला और अरुण भाटी सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

ढोल-नगाड़ों और पगड़ी पहनाकर हुआ अतिथियों का भव्य स्वागत

कार्यक्रम स्थल पर अतिथियों के पहुंचने पर समाज के लोगों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और पटका पहनाकर जोरदार स्वागत किया। राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति और परंपरा के प्रतीक के रूप में अतिथियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता मनफुल तुंगड़ ने की, जबकि संचालन गिरिराज मास्टर ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान देवनारायण जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद समाज की वर्तमान स्थिति, भविष्य की दिशा और युवाओं की भूमिका को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

समाज के महापुरुषों और ऐतिहासिक योगदान को याद किया

सम्मेलन में वक्ताओं ने गुर्जर समाज के गौरवशाली इतिहास और समाज सुधारकों के योगदान को याद करते हुए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट के संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के महापुरुषों, वीरों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।

इस दौरान मां पन्नाधाय के त्याग और बलिदान का इतिहास की पुस्तकों में उचित एवं विस्तृत उल्लेख किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही गुर्जर समाज से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों एवं वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

शिक्षा को बताया समाज की तरक्की का सबसे मजबूत आधार

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा, संगठन और जागरूकता से होती है। गुर्जर समाज के बच्चों, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाने की जरूरत है। गुर्जर बाहुल्य क्षेत्रों में उच्च शिक्षण संस्थान और विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग भी उठाई गई।

वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित युवा ही समाज की दिशा और दशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना और बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर देना समय की आवश्यकता है।

मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान

समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी उसकी सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने से समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने की भावना मजबूत होगी।

29 अक्टूबर को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन का आह्वान

सम्मेलन का प्रमुख केंद्र आगामी 29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित विशाल सामाजिक आयोजन रहा। राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी ने अपने संबोधन में जोशीला आह्वान करते हुए कहा, “गुर्जरों उठो, जागो और दिल्ली की तरफ चलो। भारतीय राजनीति में अपनी ताकत और एकता का परिचय देने तथा अपनी उचित हिस्सेदारी की आवाज बुलंद करने का समय आ गया है। समाज जब शिक्षित, संगठित और एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, तभी उसे उसका उचित सम्मान और अधिकार मिलेगा।”

उनके आह्वान पर कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों ने एकजुट होकर आगामी 29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम पहुंचने और आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

एकजुटता और राजनीतिक जागरूकता पर जोर

वक्ताओं ने कहा कि गुर्जर समाज ने देश के सामाजिक, राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज की युवा शक्ति, प्रतिभाएं और सामाजिक संगठन उसकी बड़ी ताकत हैं। जरूरत इस बात की है कि इस शक्ति को शिक्षा, सामाजिक एकता और सकारात्मक राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाया जाए।

सम्मेलन में कहा गया कि राजनीतिक हिस्सेदारी केवल संख्या बल से नहीं, बल्कि शिक्षा, संगठन, नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक जागरूकता से मजबूत होती है। समाज को अपने युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने और सामाजिक मुद्दों पर संगठित होकर आवाज उठाने की दिशा में निरंतर काम करना होगा।

बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर कन्हैयालाल छावड़ी, प्रहलाद खटाना, महाराज सिंह भाकरोटा, लक्ष्मण सरपंच, भवानी सिंह, हेमराज सिंह, कमल सिंह डोई, धर्मेंद्र वीसी, निरू दड़गस, पवन पटवारी, बच्चू सरपंच, विश्राम सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी, युवा, महिलाएं और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

समारोह का समापन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक एकता, संगठन को मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा समाज की राजनीतिक एवं सामाजिक हिस्सेदारी को मजबूत करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।।