गौतमबुद्धनगर: गेझा-भंगेल मार्केट पर कब्जे की कोशिश का आरोप, न्याय न मिलने पर सीएम कार्यालय पर धरने की चेतावनी!!
दो टूक//नोएडा। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं नयागांव निवासी रवि प्रधान खारी की पत्नी बबीता खारी ने कुछ दबंग लोगों पर पुलिस से कथित सांठगांठ कर उनके परिवार का उत्पीड़न करने और गेझा-भंगेल स्थित मार्केट पर अवैध कब्जे का प्रयास करने का आरोप लगाया है। बुधवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
बबीता खारी ने आरोप लगाया कि हबीबपुर गांव निवासी शिवराम शर्मा पुलिस के साथ कथित मिलीभगत कर गेझा-भंगेल स्थित उनके मार्केट पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। उनका दावा है कि शिवराम शर्मा पुलिसकर्मियों के साथ मार्केट में पहुंचकर दुकानदारों को धमकाता है और उनके परिवार को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते परिवार के सदस्यों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर उनके पति रवि प्रधान खारी और उनके बच्चों के खिलाफ थाना फेस-2 में फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। बबीता खारी का कहना है कि लगातार उत्पीड़न के कारण उनका परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है और उन्हें न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अदालत में विचाराधीन है मामला, स्टे के बावजूद कब्जे का आरोप
बबीता खारी के अनुसार, गेझा-भंगेल मार्केट से संबंधित मामला गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय की ओर से 21 अगस्त 2023 को उनके पक्ष में स्टे ऑर्डर भी जारी किया गया था। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा पुलिस के सहयोग से मार्केट पर कब्जे का प्रयास किए जाने का आरोप उन्होंने लगाया।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में धरने की चेतावनी
प्रेसवार्ता के दौरान बबीता खारी ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ न्याय के लिए हर संभव कानूनी और लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और कथित रूप से उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष धरना देने के लिए मजबूर होंगी।
उन्होंने शासन और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दो टूक: प्रेसवार्ता में लगाए गए आरोपों पर दूसरे पक्ष के शिवराम शर्मा तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष खबर लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।।
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