रविवार, 9 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज के शरीर में यूरिन पाइप का हिस्सा छूटने का आरोप, परिजनों ने किया हंगामा!!

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गौतमबुद्धनगर: फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज के शरीर में यूरिन पाइप का हिस्सा छूटने का आरोप, परिजनों ने किया हंगामा!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

अलीगढ़ के जितेंद्र सिंह की दुर्घटना के बाद हुई थी सर्जरी, परिजनों का आरोप- दोबारा उपचार के लिए पहुंचे तो यूरोलॉजी विभाग ने ऑपरेशन से किया इनकार

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज के शरीर के अंदर यूरिन पाइप का हिस्सा छूट जाने के आरोप को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हुआ। अलीगढ़ जिले के बसौली गांव निवासी जितेंद्र सिंह सड़क हादसे में घायल हुए थे। परिजनों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद उनकी सर्जरी की गई थी और उपचार के दौरान यूरिन निकालने के लिए पाइप (यूरेथ्रल कैथेटर) लगाया गया था। आरोप है कि पाइप निकालते समय उसका एक हिस्सा मरीज के शरीर के अंदर ही रह गया।

परिजनों का कहना है कि जब उन्हें इस समस्या की जानकारी हुई तो वे मरीज को लेकर ग्रेटर नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचे। उनका आरोप है कि अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में चिकित्सकों से मरीज के शरीर के अंदर रह गए पाइप के हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन करने का अनुरोध किया गया, लेकिन चिकित्सकों ने कथित तौर पर ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया।

मामले को लेकर अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच और मरीज के शरीर से पाइप का हिस्सा निकालने की मांग की।

परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्होंने मामले को लेकर पुलिस से मदद मांगी, लेकिन उन्हें कथित तौर पर यह कहकर वापस भेज दिया गया कि अस्पताल में मैनेजमेंट मौजूद नहीं है और छुट्टी का दिन होने के कारण तत्काल कुछ नहीं हो सकता। परिजनों के मुताबिक, उन्हें मरीज को लेकर जाने के लिए कहा गया।

परिजनों ने उठाए इलाज की व्यवस्था पर सवाल

मरीज के परिजनों का कहना है कि यदि उपचार के दौरान वास्तव में पाइप का हिस्सा शरीर के अंदर रह गया है तो यह गंभीर मामला है और अस्पताल प्रबंधन को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। उनका कहना है कि मरीज पहले ही सड़क हादसे के बाद सर्जरी से गुजर चुका है और अब इस कथित लापरवाही के कारण उसे दोबारा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी देने, संबंधित चिकित्सकीय रिकॉर्ड उपलब्ध कराने और मरीज की आवश्यक जांच कराकर उचित उपचार कराने की मांग की है।

जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति

हालांकि, मरीज के शरीर में पाइप का हिस्सा किस परिस्थिति में रह गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी वास्तविक स्थिति संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। यदि मरीज के शरीर में वास्तव में किसी चिकित्सकीय उपकरण का हिस्सा रह गया है, तो यह गंभीर चिकित्सकीय मामला माना जाएगा और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।।