गुरुवार, 13 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर:भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने कसी कमर, लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश!!

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गौतमबुद्धनगर:भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने कसी कमर, लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 13 अगस्त 2026। भूगर्भ जल के संरक्षण, संवर्धन और अवैध दोहन पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में भूगर्भ जल की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण एवं विनियमन के साथ-साथ भूगर्भ जल अधिनियम-2019 के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूगर्भ जल संरक्षण से जुड़े सभी प्रकरणों का नियमानुसार और निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता, भूगर्भ जल विभाग विश्वजीत सिंह ने जिले में भूगर्भ जल से संबंधित ऑनलाइन आवेदनों और उनकी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भूगर्भ जल अधिनियम-2019 को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से upgwdonline.in वेब पोर्टल विकसित किया गया है। इसी पोर्टल के माध्यम से भूगर्भ जल से संबंधित विभिन्न आवेदनों की ऑनलाइन प्रक्रिया और निगरानी की जा रही है।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि जिले में कूप के पंजीकरण के लिए अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं कूप के अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के निर्गमन के लिए 07 आवेदन तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण के लिए 28 आवेदन प्राप्त हुए हैं। बैठक में इन आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान ईएमसी-2.0, यीडा के प्रस्ताव को अधिनियम की धारा-51 के अंतर्गत भूजल भवन, लखनऊ को अग्रसारित किए जाने तथा तेवा एपीआई के धारा-51 के अंतर्गत स्वीकृत आवेदन में भूजल निष्कर्षण के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के संबंध में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में भूगर्भ जल के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भूगर्भ जल का अवैध दोहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिनियम एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।

उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की नियमित रूप से समीक्षा करने तथा लंबित प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, ताकि भूगर्भ जल के संरक्षण के साथ-साथ जल संसाधनों के सतत उपयोग को भी सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार सहित भूगर्भ जल विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।।