गौतमबुद्धनगर: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर निकला कैंडल मार्च, शहीदों और विभाजन पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि!!
जिलाधिकारी के नेतृत्व में विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक निकला कैंडल मार्च, एकता-अखंडता और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 14 अगस्त 2026। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर में देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों तथा भारत विभाजन की त्रासदी झेलने वाले पीड़ितों की स्मृति में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। जिलाधिकारी के नेतृत्व में आयोजित इस कैंडल मार्च के माध्यम से विभाजन की पीड़ादायक स्मृतियों को याद करते हुए शहीदों और पीड़ितों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में हर घर तिरंगा अभियान-2026 को जनसहभागिता के साथ चरणबद्ध रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विकास भवन से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, स्काउट-गाइड प्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं ने देश की एकता, अखंडता एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।
कैंडल मार्च में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन, जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जनपद प्रतिनिधि, स्काउट मास्टर, गाइड कैप्टन तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की।
मार्च के दौरान उपस्थित लोगों ने विभाजन के दौरान असहनीय पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष झेलने वाले लोगों को स्मरण करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। साथ ही देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने तथा सामाजिक सद्भाव एवं भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कैंडल मार्च के कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने के बाद जिलाधिकारी ने परिसर में कैंडल स्थापित कर वीर शहीदों एवं विभाजन त्रासदी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों, स्काउट-गाइड प्रतिनिधियों तथा छात्र-छात्राओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन सभी महानुभावों को नमन किया, जिन्होंने देश के लिए त्याग और बलिदान दिया।
इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि विभाजन विभीषिका की स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से सीख लेने, आपसी भाईचारा कायम रखने तथा राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को सर्वोपरि रखने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।।
