शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: धरती से अंतरिक्ष तक बेटियों की उड़ान, रक्षाबंधन पर गूंजा वैश्विक संदेश!!

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गौतमबुद्धनगर: धरती से अंतरिक्ष तक बेटियों की उड़ान, रक्षाबंधन पर गूंजा वैश्विक संदेश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

सेशेल्स की प्रथम महिला वेरोनिक हर्मिनी पहुंचीं मिशन शक्तिसैट, 108 से अधिक देशों की बालिका वैज्ञानिकों को किया प्रेरित

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्रेटर नोएडा में महिला नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ा एक प्रेरणादायक अवसर सामने आया। सेशेल्स की प्रथम महिला महामहिम मैडम वेरोनिक हर्मिनी ने ग्रेटर नोएडा स्थित मिशन शक्तिसैट का दौरा कर दुनिया भर की बेटियों को विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया। अपने देश में स्नेहपूर्वक ‘सेशेल्स की माँ’ के रूप में पहचानी जाने वाली मैडम हर्मिनी ने मिशन की प्रेरक शक्ति एवं नेतृत्वकर्ता, जिन्हें ‘स्पेस मॉम’ के नाम से जाना जाता है, से भी मुलाकात की।

यह कार्यक्रम गौतम बुद्ध नगर विश्वविद्यालय के 19वें फाउंडेशन डे के अवसर पर आयोजित ग्लोबल वीमेन लीडरशिप एंड डिप्लोमैसी समिट के दौरान हुआ। इस अवसर पर विभिन्न देशों से जुटीं युवा बालिका वैज्ञानिकों और प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मैडम वेरोनिक हर्मिनी ने बेटियों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और नेतृत्व के क्षेत्र में दुनिया के सामने नई मिसाल कायम कर सकती हैं। उन्होंने युवा प्रतिभागियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि बेटियों के सपनों की कोई सीमा नहीं होती। वे धरती से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं और चांद तक पहुंचने का सपना भी साकार कर सकती हैं।

108 से अधिक देशों की बेटियों को जोड़ने की पहल

आयोजकों के अनुसार, मिशन शक्तिसैट दुनिया की बड़ी ऑल-गर्ल्स अंतरिक्ष पहलों में शामिल है, जिसका उद्देश्य 108 से अधिक देशों की बालिका वैज्ञानिकों को एक साझा वैश्विक मंच से जोड़ना है। इसके माध्यम से युवा बेटियों को अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में शिक्षा, मार्गदर्शन तथा अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

मिशन का लक्ष्य अगली पीढ़ी की महिलाओं को अंतरिक्ष विज्ञान एवं अन्वेषण के अग्रिम मोर्चे से जोड़ना और उनमें वैज्ञानिक सोच, तकनीकी दक्षता तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। इस पहल के जरिए दुनिया के अलग-अलग देशों की बेटियों को एक-दूसरे से सीखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत हुआ मिशन का संदेश

सेशेल्स की प्रथम महिला वेरोनिक हर्मिनी की मिशन शक्तिसैट में मौजूदगी को इस वैश्विक पहल के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। उनकी सहभागिता ने महिला नेतृत्व, वैश्विक कूटनीति और अंतरिक्ष विज्ञान के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी मजबूत संदेश दिया।

कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि अंतरिक्ष विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और तकनीकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे नई पीढ़ी को सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने वाली महिलाओं एवं नेतृत्वकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

स्पेस किड्ज इंडिया से जुड़ा है मिशन

मिशन शक्तिसैट को स्पेस किड्ज इंडिया से भी जोड़ा गया है। संगठन की ओर से युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने और विज्ञान शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है। आयोजकों के अनुसार, स्पेस किड्ज इंडिया को 27 उपग्रह मिशनों के निर्माण और प्रक्षेपण का अनुभव है तथा विद्यार्थी-संचालित अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उसने अपनी पहचान बनाई है।

मिशन शक्तिसैट को संगठन की व्यापक वैश्विक पहलों में से एक बताया जा रहा है, जिसका दायरा राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक किया गया है।

मैडम वेरोनिक हर्मिनी की यात्रा ने इस अभियान को महिला नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बेटियों के वैज्ञानिक सपनों से जोड़ते हुए एक प्रभावशाली संदेश दिया। कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि जब बेटियों को अवसर, शिक्षा और प्रोत्साहन मिलता है तो उनके कदमों को कोई सीमा नहीं रोक सकती—धरती से अंतरिक्ष तक वे अपनी नई पहचान बना सकती हैं।