अम्बेडकर नगर:
जलालपुर में पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों को वितरित किए गए कैशलेस चिकित्सा कार्ड।
।। ए के चतुर्वेदी ।।
दो टूक : अम्बेडकरनगर के जलालपुर में पीएम पोषण योजना के तहत विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ देने की दिशा में सरकार की पहल के तहत जलालपुर तहसील सभागार में सार्वजनिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित कर सम्मानित किया गया। कार्ड पाकर रसोइयों के चेहरे पर खुशी और उत्साह नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करने एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों ने रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए और उनके कार्यों की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद रितेश पांडे ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वे प्रतिदिन पूरी जिम्मेदारी और मेहनत के साथ बच्चों के भोजन की व्यवस्था में योगदान देती हैं। कैशलेस चिकित्सा कार्ड मिलने से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरत के समय आर्थिक राहत और बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित मुख्यालय से लाइव प्रसारण के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित किया। तहसील सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और रसोइयों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना।
इस अवसर पर राष्ट्रीय परिषद सदस्य राम प्रकाश यादव, ब्लॉक प्रमुख त्रिभुवननाथ, उपजिलाधिकारी मधुमिता सिंह, खंड शिक्षाधिकारी मीनाक्षी सिंह, खंड विकास अधिकारी शैलेन्द्र, भाजपा नगर अध्यक्ष संदीप अग्रहरि, मनोनीत सभासद सुरेश गुप्त, वरिष्ठ नेता अशोक उपाध्याय, अमरनाथ सिंह और विकास निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में रसोइयों ने सहभागिता की। अतिथियों ने रसोइयों को कार्ड वितरित करते हुए उन्हें सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
दो टूक— विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड मिलने से उनके स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मजबूती मिलने की उम्मीद है। समारोह में रसोइयों का सम्मान और उत्साहवर्धन कर उनके योगदान को भी सार्वजनिक रूप से सराहा गया।
