लखनऊ :
राजधानी में AI से सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था, महिला सुरक्षा पर भी रहेगी पैनी नजर।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को और बेहतर एवं सुरक्षित बनाने के लिए अब आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। मंगलवार को पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा ने आईटीएमएस एवं सेफ सिटी परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विस्तार :
लखनऊ पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने बीते मंगलवार देर रात आईटीएमएस एवं सेफ सिटी परियोजना का निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने आईटीएमएस एवं सेफ सिटी के माध्यम से किए जा रहे कार्यों, यातायात प्रबंधन, सीसीटीवी आधारित निगरानी व्यवस्था और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के उपयोग की जानकारी ली।
उन्होंने प्रमुख चौराहों और मार्गों पर AI-enabled Adaptive Traffic Control System तथा रियल-टाइम ट्रैफिक एनालिटिक्स विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके जरिए ट्रैफिक घनत्व के अनुसार सिग्नलों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर स्वचालित चालान व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
महिला सुरक्षा पर भी AI की नजर
सेफ सिटी परियोजना के तहत संवेदनशील क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों, बस एवं मेट्रो स्टेशनों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगे कैमरों को AI आधारित बिहेवियरल एनालिटिक्स और फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक से सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
इस व्यवस्था के जरिए महिलाओं से संबंधित किसी असामान्य गतिविधि अथवा छेड़छाड़ जैसी स्थिति का तत्काल अलर्ट कंट्रोल रूम तक पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर पीआरवी एवं पिंक पेट्रोलिंग टीम को त्वरित कार्रवाई के लिए सक्रिय करने की योजना है।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि आईटीएमएस एवं सेफ सिटी से प्राप्त सूचनाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए आपसी समन्वय और क्विक रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और AI का उद्देश्य आमजन की सुरक्षा, विशेषकर महिला सुरक्षा, के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीसीपी ट्रैफिक ने पुलिस आयुक्त को यातायात व्यवस्था से संबंधित आवश्यक जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
