मंगलवार, 18 अगस्त 2026

मऊ : आवास विकास को लेकर जिलाधिकारी से किसान प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण वार्ता।||Mau: Important talks between farmer delegation and District Magistrate regarding housing development.||

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मऊ : 
आवास विकास को लेकर जिलाधिकारी से किसान प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण वार्ता।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ में आवास विकास परियोजना को लेकर किसानों की समस्याओं और उनके वैधानिक अधिकारों के संबंध में मंगलवार को किसान प्रतिनिधिमंडल ने सुजीत सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी मऊ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की विभिन्न प्रमुख समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष विस्तार से रखते हुए उनके समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से चकमार्ग वाली भूमि को गणना में शामिल न किए जाने का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए बताया कि इस संबंध में शासन स्तर पर बातचीत चल रही है और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
किसानों की प्रमुख मांग रही कि भूमि का अर्जन भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अनिवार्य अर्जन तथा एसएलओ (अर्जन इकाई) के माध्यम से कराया जाए, जिससे किसानों को कानून के तहत मिलने वाले सभी वैधानिक अधिकार सुरक्षित रह सकें। इस पर भी जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि शासन स्तर पर इस विषय में वार्ता चल रही है और आवश्यकता पड़ने पर वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा जाएगा।
जल्दबाजी में रजिस्ट्री न करने की अपील
किसान प्रतिनिधिमंडल की ओर से सभी प्रभावित किसानों से अपील की गई कि वे मामले में धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी में अपनी भूमि की रजिस्ट्री न करें। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि किसान आपसी सहमति से रजिस्ट्री नहीं करते हैं तो भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, जिसमें किसानों को कानून के अनुसार मुआवजा तथा अपने वैधानिक अधिकारों के लिए न्यायालय जाने का अवसर भी प्राप्त होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसानों का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति का नुकसान करना नहीं, बल्कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और उनके सभी वैधानिक अधिकार दिलाना है। वार्ता को किसानों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।