बुधवार, 19 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: भाकियू लोकशक्ति की सख्ती का असर: 9 महीने से अटके बीमा क्लेम हुए पास, कंपनी अधिकारियों से की कड़ी वार्ता!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: भाकियू लोकशक्ति की सख्ती का असर: 9 महीने से अटके बीमा क्लेम हुए पास, कंपनी अधिकारियों से की कड़ी वार्ता!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि संगठन केवल कागजी दावों तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर आम आदमी, किसान, मजदूर और युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूती से आवाज उठाने में विश्वास रखता है। इसी क्रम में संगठन के हस्तक्षेप के बाद आदित्य बिरला कैपिटल द्वारा लंबे समय से लंबित दो बीमा क्लेमों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

मामला भाकियू लोकशक्ति नोएडा महानगर के युवा उपाध्यक्ष रोहित अवाना के आदित्य बिरला हेल्थ पॉलिसी क्लेम से जुड़ा है, जो करीब दो महीने से लंबित था। वहीं संगठन के एक अन्य साथी संदीप नागर का क्लेम पिछले करीब नौ महीने से कंपनी की ओर से लंबित बताया जा रहा था। दोनों पीड़ित लगातार कंपनी कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा था।

पीड़ितों ने अपनी समस्या भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के पदाधिकारियों के समक्ष रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने तत्काल संगठन के पदाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर नोएडा महानगर अध्यक्ष हरेंद्र सिंह एवं युवा अध्यक्ष राजकुमार ‘मोनू’ के नेतृत्व में संगठन की प्रतिनिधिमंडल टीम आदित्य बिरला कैपिटल के नोएडा स्थित कार्यालय पहुंची।

प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी के अधिकारियों से लंबी और कड़ी वार्ता करते हुए दोनों पॉलिसीधारकों के लंबित क्लेम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वैध क्लेम को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया तो भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

संगठन के दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी अधिकारियों ने दोनों मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लेम पास करने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद संगठन ने पीड़ितों को राहत मिलने पर संतोष जताया।

आम आदमी की आवाज बनकर खड़ा रहेगा संगठन: चौधरी बीसी प्रधान

इस मौके पर भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य केवल किसानों के मुद्दों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की आवाज बनना है जो किसी व्यवस्था, संस्था या कंपनी के सामने अपनी समस्या रखने के बावजूद न्याय के लिए भटक रहा है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां पॉलिसी बेचते समय बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन क्लेम के समय पॉलिसीधारकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाना बेहद गंभीर विषय है।

चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि नौ महीने तक किसी व्यक्ति का क्लेम लटकाना उसके साथ अन्याय के समान है। आम आदमी अपनी मेहनत की कमाई से बीमा पॉलिसी इसलिए लेता है कि जरूरत के समय उसे आर्थिक सहारा मिल सके। ऐसे में यदि क्लेम के समय ही उसे कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति धरातल पर संघर्ष करने वाला संगठन है और बेसहारा, किसान, मजदूर, युवा तथा आम आदमी की समस्याओं को मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी पॉलिसीधारक को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया तो संगठन संबंधित कंपनी के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगा।

संगठन की सक्रियता से पीड़ितों को मिली राहत

भाकियू लोकशक्ति के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का प्रयास है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान बातचीत और प्रशासनिक स्तर पर कराया जाए, लेकिन यदि किसी व्यक्ति की जायज मांग को लगातार नजरअंदाज किया जाता है तो संगठन उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। दोनों लंबित क्लेमों पर हुई कार्रवाई को संगठन की सक्रियता और एकजुटता की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

इस दौरान महानगर अध्यक्ष हरेंद्र सिंह, युवा अध्यक्ष राजकुमार मोनू, महानगर कोषाध्यक्ष सुनील बैसोया, महानगर सचिव महेश बैसोया, ग्राम अध्यक्ष रामबीर तंवर, अनुज गौतम, विशाल अवाना, केशव, सुमित, मोहित, मोंटी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।।