गौतमबुद्धनगर: ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी को लेकर गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में बड़ी कार्यशाला, 21 जिलों के अधिकारियों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग ने ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के सभागार में ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी प्रक्रिया को लेकर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के 21 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं एफएलसी सुपरवाइजरों ने प्रतिभाग किया।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य एफएलसी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप संपन्न कराने के लिए अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों को तकनीकी तथा प्रशासनिक प्रशिक्षण प्रदान करना रहा।
कार्यशाला की अध्यक्षता भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने की। कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा, सचिव भारत निर्वाचन आयोग मधुसूदन गुप्ता, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश अखंड प्रताप सिंह, अवर सचिव भारत निर्वाचन आयोग राकेश कुमार तथा उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश अमित सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ईवीएम की सुरक्षा से लेकर एफएलसी की बारीकियों तक दी गई जानकारी
कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों को मशीनों की तकनीकी जांच, सुरक्षा व्यवस्था, निर्धारित प्रोटोकॉल, एफएलसी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया तथा अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों की जिम्मेदारियों के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया को निर्धारित मानकों और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा किया जाना आवश्यक है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
मशीनों के पूरे जीवन चक्र का दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अधिकारियों को ईवीएम एवं वीवीपैट के संपूर्ण जीवन चक्र की जानकारी दी। इसमें मशीनों के संचालन से लेकर रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, मतदान प्रक्रिया, मतगणना और मतगणना के बाद अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं तक के विभिन्न प्रोटोकॉल समझाए गए।
ईसीआईएल के विशेषज्ञ पी.सी. मंडल ने ईवीएम एवं वीवीपैट की तकनीकी संरचना, कार्यप्रणाली तथा सुरक्षा विशेषताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं, भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम प्रभाग के सचिव मधुसूदन गुप्ता ने एफएलसी के दौरान सामने आने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया।
अधिकारियों ने खुद मशीनों का संचालन कर समझी एफएलसी प्रक्रिया
कार्यशाला को केवल सैद्धांतिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा गया। मौके पर पर्याप्त संख्या में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनें उपलब्ध कराई गईं, जहां बीईएल एवं ईसीआईएल के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने मशीनों के संचालन और एफएलसी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया।
इसके बाद अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को स्वयं मशीनों का संचालन कर निर्धारित प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने ईवीएम एवं वीवीपैट की तकनीकी कार्यप्रणाली और एफएलसी से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को बारीकी से समझा।
प्रशिक्षण के बाद हुआ मूल्यांकन, शंकाओं का किया गया समाधान
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन भी किया गया। इसके साथ ही डाउट क्लियरिंग सेशन आयोजित कर अधिकारियों के सवालों और जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों से घोषणा-पत्र भी प्राप्त किए गए, जिसमें उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बताए गए विषयों को समझने तथा अपनी शंकाओं का समाधान होने की पुष्टि की।
अधिकारियों ने कहा कि एफएलसी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन किया जाना चाहिए। ईवीएम एवं वीवीपैट से जुड़ी प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता एवं सावधानी के साथ संपन्न कराई जाए, ताकि आगामी विधानसभा निर्वाचन को निष्पक्ष, स्वतंत्र और सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
कार्यशाला के समापन पर जिलाधिकारी की ओर से भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, एफएलसी सुपरवाइजरों, मास्टर ट्रेनरों, बीईएल/ईसीआईएल के विशेषज्ञों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के प्रति मार्गदर्शन, सहयोग और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया।
कार्यशाला में प्रदेश के 21 जनपदों से आए जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एफएलसी सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर, ईसीआईएल के विशेषज्ञ इंजीनियर तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।।
