लखनऊ :
शराब के लिए पत्नी ने पैसे नहीं दिए तो 33 हजार वोल्ट के टावर पर चढ़ा अधेड़, तीन घंटे पुलिस को दी टेंशन।।
पुलिस-फायर सर्विस और SDRF ने समझाकर सकुशल उतारा।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कोतवाली काकोरी क्षेत्र में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक अधेड़ 33 हजार वोल्ट के हाईटेंशन विद्युत टावर पर चढ़ गया और ऊपर से जोर-जोर से चिल्लाने लगा। सूचना मिलते ही काकोरी पुलिस मौके पर पहुंची और विद्युत विभाग से संपर्क कर फायर सर्विस व SDRF टीम को बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक चले समझाने-बुझाने और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को सकुशल नीचे उतार लिया गया। गनीमत रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
विस्तार :
जानकारी के अनुसार कोतवाली काकोरी के अजीतनखेड़ा गांव का है। पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब 11:30 बजे शिवबरन पुत्र शिवराज यादव, उम्र करीब 50 वर्ष, हाईटेंशन विद्युत टावर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़ने के बाद वह नीचे उतरने को तैयार नहीं था। गांववालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक काकोरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विद्युत विभाग, फायर सर्विस और SDRF से समन्वय किया। मौके पर पहुंची टीमों ने शिवबरन को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह टावर से नीचे नहीं उतरा। इस दौरान ग्रामीणों की भी भारी भीड़ जुट गई।
पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग ने भी तत्काल सुरक्षा कदम उठाए। अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) आलोक आनंद के मुताबिक, व्यक्ति के हाईटेंशन टावर पर चढ़े होने की सूचना मिलने पर सरोजनी नगर से दुबग्गा 220 ट्रांसमिशन केंद्र जाने वाली हाईटेंशन लाइन को रात करीब 1 बजे बंद करा दिया गया।
तीन घंटे बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन।
पुलिस लगातार समझाने के बाद भी जब शिवबरन नीचे नहीं आया तो फायर सर्विस और SDRF के बचावकर्मियों ने मोर्चा संभाला। करीब तीन घंटे के प्रयास के बाद दो बचावकर्मी टावर पर चढ़े और शिवबरन को सुरक्षित नीचे उतार लिया।नीचे उतरने के बाद उसे एंबुलेंस से सीएचसी बेहटा भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसका परीक्षण किया। जांच के बाद वह अपने परिजनों के साथ वापस गांव चला गया।
पत्नी से शराब के पैसे को लेकर हुआ विवाद।
पुलिस की पूछताछ में शिवबरन ने बताया कि उसकी पत्नी उसे शराब खरीदने के लिए रुपये नहीं दे रही थी। उसके मुताबिक वह पत्नी को डराने के लिए टावर पर चढ़ा था, ताकि उसे अपने मरने का भय दिखा सके। शिवबरन ने गांव के ही एक व्यक्ति पर करीब चार लाख रुपये बकाया होने का दावा भी किया और आरोप लगाया कि वह रकम वापस नहीं कर रहा है। हालांकि, उसकी पत्नी ने उसके इस दावे को गलत बताया है।
