रविवार, 2 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: संपूर्ण समाधान दिवस में 164 फरियादियों ने लगाई गुहार, 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण!!

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गौतमबुद्धनगर: संपूर्ण समाधान दिवस में 164 फरियादियों ने लगाई गुहार, 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

तीनों तहसीलों में अधिकारियों ने सुनीं जनसमस्याएं, लंबित मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 01 अगस्त 2026। जनपद गौतमबुद्धनगर की तीनों तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के समक्ष पहुंचे। जिले की सदर, दादरी और जेवर तहसील में कुल 164 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

तहसील सदर में 6 शिकायतें, 3 का मौके पर समाधान
तहसील सदर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां फरियादियों की ओर से कुल 6 शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें से 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दादरी तहसील में सबसे अधिक 96 शिकायतें पहुंचीं
तहसील दादरी में उप जिलाधिकारी अभिनेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में सबसे अधिक 96 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 7 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को स्थलीय जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करते हुए समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

जेवर में 62 शिकायतें दर्ज, 4 का तत्काल निस्तारण
तहसील जेवर में उप जिलाधिकारी दुर्गेश सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान 62 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 4 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया गया। अधिकारियों ने शेष शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर

संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संबंधित विभागों को शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।।