गुरुवार, 20 अगस्त 2026

लखनऊ :बुजुर्ग विधवा मां को बेटों-बहू ने मारपीट कर घर से निकाला,15 दिन से दर-दर भटक रही वृद्धा।Lucknow:An elderly widowed mother was beaten and thrown out of the house by her sons and daughter-in-law; the old woman has been wandering from door to door for 15 days.||

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लखनऊ :
बुजुर्ग विधवा मां को बेटों-बहू ने मारपीट कर घर से निकाला,15 दिन से दर-दर भटक रही वृद्धा।
दो टूक :  राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के रुचि खंड सालेह नगर में 65 वर्षीय विधवा महिला ने अपने बेटों और बहू पर मारपीट कर घर से निकालने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद से वह करीब 15 दिनों से दर-दर भटकने को मजबूर है। स्थानीय पुलिस से मदद नहीं मिलने पर उसने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई। आरोप है कि अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद भी पुलिस ने उसके शिकायती पत्र में बदलाव कर एनसीआर दर्ज कर दी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
विस्तार :
जानकारी के अनुसार पीड़िता सावित्री देवी पत्नी स्वर्गीय रामचंद्र के मुताबिक उनके तीन बेटे रामजी, मोहित लोधी और अभिषेक लोधी हैं और सभी एक ही मकान में रहते हैं। आरोप है कि 8 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे बेटे मोहित, उसकी पत्नी प्रियंका, छोटे बेटे अभिषेक और प्रियंका के मायके पक्ष के लोगों ने उन्हें कमरे में बंद कर मारपीट की। बड़े बेटे द्वारा कंट्रोल रूम पर सूचना देने के बावजूद पुलिस की मौजूदगी में भी उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।
सावित्री देवी का आरोप है कि इसके बाद उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने आशियाना थाने पहुंचकर शिकायत की, लेकिन उन्हें किला पुलिस चौकी भेज दिया गया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद पीड़िता ने 17 अगस्त को एसीपी कैंट से मदद की गुहार लगाई। आरोप है कि अधिकारी के निर्देश के बाद किला चौकी प्रभारी ने उन्हें बुलाकर अपनी मर्जी के अनुसार शिकायती पत्र लिखवाया और 19 अगस्त को एनसीआर दर्ज कर ली। पीड़िता का कहना है कि इसके बावजूद न तो आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई और न ही उसे वापस घर में प्रवेश दिलाया गया। वह फिलहाल सड़क पर जीवन गुजारने को मजबूर है।
मामले में एसीपी कैंट सुजीत कुमार दुबे ने कहा कि यदि वृद्ध महिला के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा किसी प्रकार का अमानवीय व्यवहार किया गया है या तहरीर बदलवाने का आरोप सही पाया जाता है तो मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।