बुधवार, 22 जुलाई 2026

लखनऊ : कारागार विभाग और UPSIFS के बीच हुआ एमओयू, वैज्ञानिक प्रशिक्षण व अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा।||Lucknow: MOU signed between Prisons Department and UPSIFS, will promote scientific training and research.||

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लखनऊ : 
कारागार विभाग और UPSIFS के बीच हुआ एमओयू, वैज्ञानिक प्रशिक्षण व अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में बुधवार को उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं तथा उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान (UPSIFS) के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना और UPSIFS के निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने हस्ताक्षर किए।
विस्तार :
कारागर भवन स्थित मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में UPSIFS के अधिकारियों का स्वागत किया गया तथा महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने डॉ. जी.के. गोस्वामी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां कारागारों को केवल दंड देने वाले संस्थान नहीं बल्कि सुधार गृह के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद न्याय व्यवस्था में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। फॉरेंसिक विज्ञान निर्दोषों को गलत दोषसिद्धि से बचाने और दोषियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार फॉरेंसिक क्षमताओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से UPSIFS की स्थापना की गई है। संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध जांच की विशेषज्ञता का लाभ अब कारागार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मिलेगा।
महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे कारागार प्रशासन में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान आधारित निर्णय प्रक्रिया, आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था और कर्मचारियों के कौशल विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग राज्य की न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के अंत में उप महानिरीक्षक एस.सी. शाक्य ने सभी अतिथियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेन्द्र सिंह, हेमराज मीणा, डीआईजी प्रदीप गुप्ता, सुभाष शाक्य, पी.एन. पाण्डेय, डॉ. रामधनी, वित्त नियंत्रक आबिद अंसारी, वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल, डॉ. हबीब, पीआरओ अंकित कुमार, संतोष तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।