गौतमबुद्धनगर: महिला सुरक्षा और सम्मान पर आयोग का फोकस: जनसुनवाई में डॉ. मीनाक्षी भराला ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 22 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी पीड़ित महिला को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ना चाहिए।
जनसुनवाई में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, उत्पीड़न और अन्य समस्याओं से जुड़ी शिकायतें आयोग के समक्ष रखीं। पुलिस विभाग से संबंधित कुल 19 प्रकरणों पर सुनवाई हुई, जिनमें 8 महिलाएं स्वयं उपस्थित हुईं। सुनवाई के दौरान 8 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. मीनाक्षी भराला ने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, सहानुभूति और मानवीय दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण है। कई बार महिलाएं सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पीड़ा खुलकर नहीं बता पाती हैं। ऐसे में अधिकारियों का दायित्व है कि वे उन्हें विश्वास में लेकर उनकी समस्याओं का निष्पक्ष एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस, महिला कल्याण विभाग और अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक महिला फरियादी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उसकी शिकायत पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। आयोग लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है ताकि किसी भी महिला को उत्पीड़न या अन्याय का सामना न करना पड़े और हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो।
जनसुनवाई कार्यक्रम के उपरांत डॉ. मीनाक्षी भराला ने महामाया बालिका इंटर कॉलेज, सेक्टर-44, नोएडा में आयोजित "शक्ति संवाद" कार्यक्रम में छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी एवं सरकारी सहायता का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि शिक्षा और आत्मविश्वास ही महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि कोई भी महिला या छात्रा किसी प्रकार के उत्पीड़न का सामना करती है तो उसे बिना किसी डर के अपनी बात संबंधित अधिकारियों तक पहुंचानी चाहिए। शासन और महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ मजबूती से खड़ा है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति, प्रभारी जिला विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार पुष्कर, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आशीष कुमार सिंह, एडीसी जितेंद्र मोर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।।
