सुल्तानपुर :
सहज ध्यान योग हमारी आध्यात्मिक उन्नति का सर्वाधिक सहज मार्ग : डॉ० हर्षवर्धन।।
दो टूक : सहज ध्यान योग केन्द्र सुलतानपुर के सौजन्य से सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुलतानपुर में भैया बहनों को कुण्डलिनी जागरण का अभ्यास कराया गया।
विस्तार :
सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर मे सहज ध्यान योग केन्द्र में आयोजित
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के साथ किया गया।वरिष्ठ आचार्य श्रीमान् अनिल पाण्डेय जी ने मंच पर उपस्थित कार्यक्रम के प्रशिक्षक आध्यात्मिक साधकों का परिचय कराया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान् राकेश मणि त्रिपाठी जी द्वारा सहज योग मार्ग के आध्यात्मिक साधकों का श्री फल एवं अंगवस्त्र भेंटकर हार्दिक अभिनन्दन किया गया। उन्होंने इन क्षणों को अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि निश्चित रूप से हमारे भैया बहनें इस स्वाभाविक प्रक्रिया से परिचित होकर नैतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति के पथ पर अग्रसर होंगे ।
मुख्य आध्यात्मिक साधक प्रशिक्षक छत्रपति शिवाजी महाराज जी के वंशज मुंबई से पधारे भारत के सुविख्यात, अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ डाक्टर हर्षवर्धन घोरपड़े ने भैया बहनों को कुंडलिनी शक्ति जागरण का अभ्यास कराया । उन्होंने कहा कि सहज योग के अभ्यास से हमारी चेतना एक नए आयाम तक पहुँचती है, जहाँ कंपन के परम सत्य को हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और हथेलियों पर अनुभव किया जा सकता है। कुंडलिनी के जागरण के परिणामस्वरूप व्यक्ति की हथेलियों से कंपन उत्पन्न होते हैं। इस अनुभव के फलस्वरूप, हमारी आध्यात्मिक उन्नति सहजता से होती है ।
नवी मुंबई महाराष्ट्र से पधारे प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डा0 आलोक कुमार ने कहा कि आत्म-साक्षात्कार और सहज योग ध्यान के परिणामस्वरूप शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है। कार्यक्रम को अमेरिका की हार्वर्ट यूनिवर्सिटी से पीएचडी डॉ श्रीमती तरंगिणी कुमार ने भी संबोधित किया। आध्यात्मिक शिक्षक श्री जितेन्द्र पांढरे ने प्रशिक्षण कार्य में प्रमुख भूमिका निभाई।
उक्त कार्यक्रम स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय सुलतानपुर की कंसल्टेंट पैथालाजिस्ट डाक्टर श्रीमती शिवांगी सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य रमेश मिश्र, संजीव चतुर्वेदी, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी,शुभम सिंह,शशी द्विवेदी, ज्योति त्रिपाठी, श्रद्धा सिंह, सुधा सिंह , रिंशू सिंह, प्रतिभा भारद्वाज, प्रतिभा मिश्रा,ज्योति उपाध्याय, रागिनी मिश्रा तथा विद्यालय के आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनें उपस्थित रहे ।
