गुरुवार, 30 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: जंतर-मंतर पर पीएम के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का मामला: रुचिका सिंह पर नोएडा में जीरो एफआईआर, दिल्ली पुलिस करेगी जांच!!

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गौतमबुद्धनगर: जंतर-मंतर पर पीएम के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का मामला: रुचिका सिंह पर नोएडा में जीरो एफआईआर, दिल्ली पुलिस करेगी जांच!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। गाजियाबाद निवासी एवं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे में युवती रुचिका सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई है। चूंकि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र की है, इसलिए प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मामला आगे की विवेचना और विधिक कार्रवाई के लिए दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को स्थानांतरित कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए एक वीडियो में रुचिका सिंह प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती हुई दिखाई और सुनाई दे रही हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस प्रकार की टिप्पणी देश के प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है और इससे समाज में विद्वेष फैलने तथा लोक शांति प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न होती है।

शिकायतकर्ता अधिवक्ता स्मृति सिंह ने अपनी तहरीर में कहा कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की कथित टिप्पणियां केवल किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। उन्होंने मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायत के आधार पर थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने संबंधित धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना दिल्ली के क्षेत्राधिकार में हुई है, इसलिए कानून के प्रावधानों के तहत मुकदमे को संबंधित थाना पार्लियामेंट स्ट्रीट, नई दिल्ली भेज दिया गया है, जहां अब आगे की जांच की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता, कथित बयान की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों तथा अन्य संबंधित तथ्यों की विस्तृत जांच करेगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

क्या होती है जीरो एफआईआर?
जीरो एफआईआर ऐसी प्राथमिकी होती है जिसे किसी भी थाने में, घटना के स्थान की परवाह किए बिना दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने को मामला स्थानांतरित कर दिया जाता है, ताकि जांच में देरी न हो और तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सके।

फिलहाल इस मामले में नोएडा पुलिस ने अपनी प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए केस दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है। अब पूरे प्रकरण की जांच और आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस के स्तर पर की जाएगी।।