शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

लखनऊ :STF ने इलेक्ट्रॉनिक परीक्षा माफिया पर कसा शिकंजा,मॉडिफाइड TFT स्क्रीन बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार।।।।Lucknow:STF tightens noose on electronic examination mafia, arrests accused of making modified TFT screens.||

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लखनऊ :
STF ने इलेक्ट्रॉनिक परीक्षा माफिया पर कसा शिकंजा,मॉडिफाइड TFT स्क्रीन बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार।।
राजस्थान से दबोचा हाईटेक TFT बनाने वाला मास्टरमाइंड चढ़ा हत्थे ,92 मॉडिफाइड स्क्रीन बरामद।
दो टूक : उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन CAPF, SSF कांस्टेबल (GD) एवं असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी लोकेश को राजस्थान के अलवर से लोकेश कुमार पुत्र लालाराम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर परीक्षा केंद्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई मॉडिफाइड TFT स्क्रीन उपलब्ध कराने का आरोप है निशान देही पर उसके घर से 92 मॉडिफाइड TFT स्क्रीन, 14 रास्पबेरी पाई, 45 VGA कार्ड, 20 VGA टू HDMI कन्वर्टर, मेमोरी कार्ड, वाई-फाई डोंगल, लैपटॉप सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
विस्तार
एसटीएफ के अनुसार,आंनलाइ, आफलाइन होने वाली परीक्षाओं में परीक्षा केंद्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई मॉडिफाइड TFT स्क्रीन उपलब्ध कराने वाले गिरोह के सप्लाइ करने वाले की एसटीएफ टीम तलाश कर रही थी इसी दौरान मुखबिर खास की सूचना पर 30 जुलाईज्ञ को राजस्थान के जनपद अलवर से गिरफ्तार किया गया। जिसकी पहचान लोकेश कुमार पुत्र लालाराम के रुप मे हुई है जिसके पास भारी मात्रा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
 यह मॉडिफाइड TFT बाहर से सामान्य कंप्यूटर स्क्रीन जैसी दिखती थी, लेकिन इसमें रास्पबेरी पाई और विशेष नेटवर्किंग तकनीक लगी होती थी। परीक्षा के दौरान स्क्रीन पर दिखाई देने वाले प्रश्नों को वाई-फाई डोंगल के जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे सॉल्वर तक लाइव भेज दिया जाता था, जहां से उत्तर तैयार कर अभ्यर्थी तक पहुंचाए जाते थे। गिरोह ऐसे नेटवर्क और डिवाइस का इस्तेमाल करता था जो परीक्षा केंद्रों में लगे जैमर को भी चकमा दे देते थे।जांच में सामने आया कि लोकेश वर्ष 2017 से इस हाईटेक उपकरण को तैयार कर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सप्लाई कर रहा था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि एक मॉडिफाइड TFT तैयार करने में करीब 40 हजार रुपये का खर्च आता है और वह इसे तैयार करने के लिए 5 हजार रुपये प्रति TFT अलग से लेता था।
गौरतलब है कि 22 मई 2026 को एसटीएफ ने ग्रेटर नोएडा स्थित बालाजी डिजिटल जोन पर छापा मारकर सेंटर संचालक प्रदीप चौहान, हैकर अमित राणा समेत सात आरोपियों को 50 लाख रुपये नकद, प्रॉक्सी सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद इस मामले में एक अन्य वांछित आरोपी इन्द्रजीत उर्फ योगी को भी गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर अब लोकेश की गिरफ्तारी हुई है।
एसटीएफ का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।