हरिद्वार: गंगा के तेज बहाव से जंग जीत गया जज़्बा: SDRF जवान ने जान जोखिम में डालकर डूबते कांवड़िये को बचाया, हरिद्वार में टला बड़ा हादसा!!
!! वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब गंगा स्नान के दौरान एक कांवड़िया तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगा। घाट पर तैनात उत्तराखंड पुलिस की राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने अद्भुत साहस, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए कुछ ही मिनटों में युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवानों की बहादुरी और सूझबूझ से एक शिवभक्त की जान बच गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने SDRF टीम की जमकर सराहना की।
कांवड़ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सेनानायक SDRF उत्तराखंड अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर संवेदनशील घाटों और प्रमुख स्थलों पर SDRF की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। इसी व्यवस्था के तहत बुधवार, 29 जुलाई को हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर ड्यूटी कर रही टीम ने अपनी मुस्तैदी से संभावित दुर्घटना को टाल दिया।
मेरठ का 23 वर्षीय कांवड़िया गहरे पानी में फंसा
जानकारी के अनुसार, बचाए गए युवक की पहचान मनीष (23 वर्ष) पुत्र ठाकुर, निवासी ग्राम सूरजकुंड, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। मनीष गंगा में स्नान कर रहा था, तभी अचानक वह तेज बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गया। कुछ ही क्षणों में वह बहने लगा और मदद के लिए संघर्ष करने लगा।
घाट पर तैनात SDRF टीम की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, जवानों ने बिना एक पल गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।
कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने दिखाई अदम्य बहादुरी
रेस्क्यू अभियान के दौरान SDRF के कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल उफनती गंगा में छलांग लगा दी। तेज धारा से मुकाबला करते हुए उन्होंने डूब रहे कांवड़िये तक पहुंचकर उसे सुरक्षित पकड़ लिया और कड़ी मशक्कत के बाद बाहर ले आए। बाहर निकालने के तुरंत बाद टीम ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया, जिससे उसकी हालत सामान्य हो गई।
टीमवर्क से सफल हुआ पूरा अभियान
इस सफल बचाव अभियान में अपर उप निरीक्षक (ASI) पवेंद्र धस्माना, अपर उप निरीक्षक (ASI) आशिक अली, कांस्टेबल अजीत सिंह और कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी जवानों ने आपसी समन्वय और पेशेवर दक्षता के साथ अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
SDRF सेनानायक ने की टीम की सराहना
सेनानायक SDRF उत्तराखंड अर्पण यदुवंशी ने रेस्क्यू टीम की तत्परता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि SDRF की सभी टीमें पूरी सतर्कता, अनुशासन और समर्पण के साथ लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।
श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
SDRF और प्रशासन ने सभी कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही गंगा स्नान करें। तेज बहाव, गहरे पानी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें तथा पुलिस, SDRF और प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निकटतम सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कांवड़ यात्रा के बीच यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपदा और संकट की घड़ी में SDRF के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा के लिए हर पल तैयार रहते हैं। उनकी सतर्कता और साहस ने इस बार भी एक परिवार को बड़ी त्रासदी से बचा लिया।।
