गौतमबुद्धनगर: कार पार्किंग बनी खूनी संघर्ष की वजह: सुपरटेक इको विलेज-1 में दो पक्षों में जमकर मारपीट, निवासी का कान का पर्दा फटने का आरोप!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा वेस्ट। बिसरख थाना क्षेत्र स्थित सुपरटेक इको विलेज-1 सोसाइटी में कार पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई जमकर मारपीट में एक निवासी गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके कान पर जोरदार प्रहार किया गया, जिससे उसका कान का पर्दा फट गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट साफ दिखाई दे रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोसाइटी के पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने को लेकर पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तब तक एक व्यक्ति घायल हो चुका था।
घटना के बाद घायल निवासी ने आरोप लगाया कि नामजद लोगों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित का कहना है कि चिकित्सकीय जांच में कान का पर्दा फटने की बात सामने आई है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पीड़ित पक्ष में नाराजगी है।
मारपीट की पूरी घटना किसी निवासी द्वारा मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा व्यवस्था और सोसाइटी में बढ़ते विवादों को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
वहीं, इस मामले में बिसरख थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो का संज्ञान ले लिया गया है। दोनों पक्षों से संबंधित तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। सोसाइटी के निवासियों की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
