मऊ :
नाबालिग से बाइक चलवाना पड़ा भारी, अभिभावक पर कार्रवाई; कानून के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए नाबालिग से मोटरसाइकिल चलवाने के मामले में अभिभावक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए समाज को सन्देश दिया है। पुलिस ने संबंधित बाइक को सीज कर दिया है। यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा कानूनों के कड़ाई से पालन के साथ-साथ अभिभावकों की सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित करती है।
विस्तार :
पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना दक्षिण टोला पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का संज्ञान लिया। जांच में पता चला कि वीडियो में एक नाबालिग लड़का सीडी डिलक्स मोटरसाइकिल (UP54AA 5177) चला रहा था, जबकि बाइक स्वामी रशाद इलाही पुत्र एजाज अहमद, निवासी मदनपुरा, थाना दक्षिण टोला, उसके पीछे बैठे थे।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि संबंधित मोटरसाइकिल हकीकतपुरा मोड़ पर खड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें वायरल वीडियो की पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल को सीज करते हुए रशाद इलाही के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
कानून क्या कहता है?
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में वाहन स्वामी या अभिभावक के विरुद्ध जुर्माना, वाहन सीज करने तथा अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। यदि नाबालिग के वाहन चलाने से दुर्घटना होती है, तो उसकी जवाबदेही भी अभिभावक और वाहन स्वामी पर तय की जा सकती है।
सामाजिक संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में वाहन चलाना बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। कई सड़क दुर्घटनाओं के पीछे नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना एक प्रमुख कारण रहा है। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को वाहन की चाबी न सौंपें और उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें।
पुलिस की अपील
मऊ पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी नाबालिग को दोपहिया या चारपहिया वाहन न चलाने दें। सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। यातायात नियमों का पालन कर ही सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
