मऊ :
बहू-बेटी सम्मेलन' का आयोजन, महिला सुरक्षा और साइबर जागरूकता का दिया गया संदेश।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को मऊ नगर के खीरीबाग मैदान में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा 'बहू-बेटी सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लेकर सुरक्षा, अधिकारों और आत्मरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त किया।।
विस्तार :
मऊ जनपद में रविवार को बहू-बेटी सम्मेलन' का आयोजन, महिला सुरक्षा और साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नरेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
सम्मेलन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को आत्मरक्षा के उपाय, साइबर अपराधों से बचाव, घरेलू हिंसा, दहेज प्रतिषेध, बाल विवाह निषेध, महिला एवं बाल अधिकारों तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, उत्पीड़न या साइबर ठगी की घटना होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करें।
कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील करते हुए महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
सम्मेलन के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके त्वरित एवं विधिसम्मत समाधान का आश्वासन दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर महिला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कल्पना मिश्रा, महिला उपनिरीक्षक सपना, महिला आरक्षी रूचि सिंह, मीनू वाजपेयी, प्रीति, किरन, सुषमा पटेल, पूजा धूरिया एवं अनामिका सहित थाना कोतवाली नगर और महिला थाना की पुलिस टीम मौजूद रही।
दो टूक: 'बहू-बेटी सम्मेलन' केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और पुलिस व समाज के बीच विश्वास का मजबूत सेतु साबित हुआ। महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति इस तरह के अभियान समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
