लखनऊ :
जिला बदर के बावजूद लखनऊ में रह रहा था हिस्ट्रीशीटर, इंदिरानगर पुलिस ने दबोचा।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना इन्दिरा नगर पुलिस टीम ने जिला बदर किए गए एक युवक को शहर में अवैध रूप से निवास करते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते जेल भेज दिया।
विस्तार :
थाना इन्दिरा नगर इस्पेक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि जिला बदर किया गया एक बदमाश को शहर में अवैध रूप से निवास करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय के आदेश के बावजूद लखनऊ की सीमा छोड़नी थी, लेकिन वह चोरी-छिपे इंदिरानगर क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने उसे अमराई गांव तिराहे के पास से गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सुमित रावत उर्फ आदित्य (23 वर्ष) पुत्र लवकुश रावत, निवासी पुराना शिवाला, अमराई गांव, थाना इंदिरानगर, लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) लखनऊ की अदालत ने वाद संख्या 55(21)/2025 में 30 जनवरी 2026 को उसे छह माह के लिए जनपद लखनऊ की सीमा से जिला बदर करने का आदेश दिया था।
इसके बावजूद आरोपी आदेश का उल्लंघन करते हुए इंदिरानगर क्षेत्र में ही रह रहा था। मुखबिर की सूचना पर इंदिरानगर पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को अमराई गांव तिराहे के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध मु0अ0सं0 0191/2026 के तहत धारा-10, उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुमित रावत उर्फ आदित्य के विरुद्ध मारपीट, बलवा, धमकी, घर में घुसकर हमला, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में 10 आपराधिक मुकदमे इंदिरानगर और चिनहट थानों में दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण ही उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई थी।
इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार, उपनिरीक्षक आनन्द कुमार मिश्रा, विकास कुमार सिंह, शशि कपूर तथा मुख्य आरक्षी अखिलेश शर्मा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
