लखनऊ :
एसटीएफ ने फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले जालसाज को दबोचा।।
दो टूक : उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी तरीके से विभिन्न राज्यों के लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर अवैध कमाई करने वाले एक शातिर युवक को बिजनौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी को थाना नहटौर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विस्तार :
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल समेत कई राज्यों के लोगों के फर्जी तरीके से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। बरेली फील्ड यूनिट द्वारा की गई अभिसूचना के आधार पर बिजनौर के थाना नहटौर क्षेत्र स्थित ग्राम फुलसंदा हीरा निवासी इब्राहिम अंसारी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से दो लैपटॉप, चार्जर व माउस, एक स्मार्टफोन, चार फर्जी आधार कार्ड, चार एटीएम कार्ड, एक वाई-फाई राउटर (एडॉप्टर सहित) तथा तीन चेकबुक बरामद हुई हैं।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह परिवहन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के ऑनलाइन आवेदन करता था। जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती थी, उनसे रुपये लेकर वह आवेदन से लेकर ऑनलाइन परीक्षा तक स्वयं पूरी करता था।
आरोपी ने खुलासा किया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी की कैमरे के सामने मौजूदगी अनिवार्य होती है। इस सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार करने के लिए वह ब्राउजर में Tempermonkey एक्सटेंशन और विशेष जावा स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करता था। इसके जरिए वीडियो सत्यापन को बायपास कर आधार ई-केवाईसी से प्राप्त फोटो का उपयोग कर ऑनलाइन परीक्षा पूरी कर देता था। इसके बाद तैयार लर्निंग लाइसेंस की पीडीएफ व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित व्यक्ति को भेज देता था और फीस यूपीआई के जरिए अपने खाते में प्राप्त करता था।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों के लोगों के लिए इस तरह से लर्निंग लाइसेंस तैयार कर चुका है।
इस मामले में थाना नहटौर, जनपद बिजनौर में आरोपी के खिलाफ मु.अ.सं. 231/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 318(4), 336(3), 337, 340(2), आधार अधिनियम-2016 की धारा 36 तथा आईटी एक्ट की धाराएं 66-सी और 66-डी में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच और विधिक कार्रवाई थाना नहटौर पुलिस द्वारा की जा रही है।
