बुधवार, 29 जुलाई 2026

गोण्डा : कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष शहरी मॉकड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ लाइव प्रदर्शन।Gonda:A special urban mock drill was conducted at the Collectorate complex, featuring a live demonstration of disaster preparedness.||

शेयर करें:
गोण्डा  : 
कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष शहरी मॉकड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ लाइव प्रदर्शन।
।। वीरेंद्र कुमार।।
दो टूक : गोण्डा डीएम प्रियंका निरंजन के निर्देश पर अग्निकांड, शहरी बाढ़ और भवन ढहने जैसी आपदाओं से निपटने का किया गया अभ्यास, विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई का लिया गया जायजा।
विस्तार : गोण्डा जनपद में किसी भी संभावित शहरी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष शहरी मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस अभ्यास में अग्निकांड, शहरी बाढ़, भवन ढहने सहित विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक परिस्थितियों की तरह सफल प्रदर्शन किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान राहत एवं बचाव दलों ने आपदा की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। विभिन्न विभागों की टीमों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा राहत कार्यों को संचालित करने का अभ्यास किया। इस दौरान यह भी परखा गया कि किसी आपदा की स्थिति में प्रशासनिक मशीनरी कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से कार्य कर सकती है।
कार्यक्रम में मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। मॉकड्रिल के माध्यम से विभागों के बीच आपसी समन्वय, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य प्रणाली का भी परीक्षण किया गया।
फायर विभाग के अधिकारी नितेश शुक्ला ने आग लगने की स्थिति में बचाव के आधुनिक तरीकों, आग पर शीघ्र नियंत्रण पाने की तकनीकों तथा सुरक्षित निकासी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम लोगों को बताया कि किसी भी दुर्घटना या आपदा के समय घबराने के बजाय तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देना, प्राथमिक सुरक्षा उपाय अपनाना तथा अफवाहों से बचना सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मॉकड्रिल के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार देने, स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने तथा तत्काल अस्पताल रेफर करने की पूरी प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। इस अभ्यास के जरिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता, मेडिकल रिस्पांस सिस्टम और विभागीय समन्वय का भी मूल्यांकन किया गया।
कार्यक्रम में जिला आपदा विशेषज्ञ, सिविल डिफेंस के प्रभारी अधिकारी, कलेक्ट्रेट प्रशासन, आपदा मित्र, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों को आपदा के समय सामूहिक प्रयास, समयबद्ध कार्रवाई, संसाधनों के समुचित उपयोग तथा जन-जागरूकता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की मॉकड्रिल का उद्देश्य केवल आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करना नहीं है, बल्कि आमजन को जागरूक बनाना, आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी देना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना भी है। प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित एवं समन्वित टीम किसी भी आपातकालीन स्थिति में समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य कर जन-धन की हानि को काफी हद तक कम कर सकती है।
इस सफल शहरी मॉकड्रिल के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह संदेश भी दिया कि यदि सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें और आम नागरिक भी आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक रहें, तो किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित अभ्यास आयोजित किए जाएंगे, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ हो सके।