शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भाकियू लोकशक्ति का हमला, बोले- यह छात्रों, किसानों और लोकतंत्र की बड़ी जीत!!
राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान बोले- छात्र और किसान जब एकजुट होते हैं तो सरकारों को जनता की आवाज के आगे झुकना पड़ता है
दो टूक//नोएडा/नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने इसे देश के छात्रों, किसानों और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया है। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान, जो लंबे समय से किसान हितों, युवाओं के अधिकारों और जनसरोकारों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं, ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जनता के लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि छात्र और किसान देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और जब दोनों वर्ग एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकारों को भी जनता की भावनाओं के आगे झुकना पड़ता है।
चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि यह केवल किसी एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के संघर्ष की जीत है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुका है और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरते हैं और किसान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं, तब सरकारों को जनता की ताकत का एहसास होता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इसी जनदबाव और लोकतांत्रिक संघर्ष का परिणाम है।
बीसी प्रधान ने कहा कि भाकियू लोकशक्ति शुरू से ही छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी रही है। संगठन ने लगातार पेपर लीक, महंगी होती शिक्षा, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को आखिरकार जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन इस इस्तीफे को संघर्ष का अंत नहीं मानता। जब तक देश के प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक भाकियू लोकशक्ति का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि छात्र और किसान दोनों देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। जब ये दोनों वर्ग एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं, तो बड़ी से बड़ी सत्ता को भी जनता की आवाज के आगे झुकना पड़ता है। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और यह घटनाक्रम उसी का प्रमाण है।
अंत में उन्होंने युवाओं और किसानों से एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान करते हुए कहा कि संघर्ष अभी जारी है। उन्होंने "छात्र शक्ति जिंदाबाद", "किसान एकता जिंदाबाद", "शिक्षा बचाओ-देश बचाओ" तथा "जय जवान-जय किसान-जय संविधान" के नारों के साथ देशभर के युवाओं और किसानों से जनहित के मुद्दों पर संगठित रहने की अपील की।।
