गुरुवार, 9 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: कॉल सेंटर से चल रहा था करोड़ों की साइबर ठगी का खेल, बिसरख पुलिस का बड़ा खुलासा; फर्जी लोन के जाल में फंसाकर लोगों से करते थे ठगी, दो गिरफ्तार!!

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गौतमबुद्धनगर: कॉल सेंटर से चल रहा था करोड़ों की साइबर ठगी का खेल, बिसरख पुलिस का बड़ा खुलासा; फर्जी लोन के जाल में फंसाकर लोगों से करते थे ठगी, दो गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना बिसरख पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को अधिक लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन और एक डायरी (नोटबुक) बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजकर लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर पुराने लोन को बंद कराने के नाम पर उनके खातों से रकम अपने फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।

पुलिस के अनुसार, 08 जुलाई 2026 को लोकल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए थाना बिसरख पुलिस ने अजनारा ली गार्डन सोसाइटी के एक फ्लैट पर छापेमारी की। यहां से सागर चौहान और कुलदीप को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी कॉल सेंटर संचालित कर ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे Loan112 एप के माध्यम से अधिक लोन दिलाने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजकर पीड़ितों का भरोसा जीतते और पहले से लिए गए लोन को बंद कराने के बहाने उनसे रकम अपने फर्जी बैंक खातों में जमा करा लेते थे। आरोपी अन्य लोन एप से लोन लेने वाले लोगों का डाटा भी हासिल कर उन्हें इसी तरह ठगी का निशाना बनाते थे।

आरोपियों ने यह भी बताया कि ठगी की वारदात को अंजाम देने के बाद वे इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके। फर्जी बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने वाला उनका एक अन्य साथी व्हाट्सएप कॉल के जरिए अलग-अलग नंबरों से संपर्क करता था। वह कमीशन के रूप में 20 प्रतिशत राशि रखकर शेष 80 प्रतिशत नकद आरोपियों तक पहुंचा देता था। फिलहाल पुलिस इस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी 23 वर्षीय सागर चौहान और मथुरा निवासी 25 वर्षीय कुलदीप के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना बिसरख में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी बैंक खातों, सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क तथा ठगी से अर्जित रकम के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की साइबर ठगी को अंजाम दिया।