गौतमबुद्धनगर में किसान दिवस: पीएम किसान योजना, फार्मर रजिस्ट्री और कृषि योजनाओं की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान!!
देव गुर्जर//नोएडा/गौतमबुद्धनगर, 15 जुलाई 2026। शासन और जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से विकास भवन स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय में मासिक किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने की। किसान दिवस में बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर कृषि, सिंचाई, किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री और अन्य योजनाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
बैठक के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, कृषि यंत्रीकरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। विशेष रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किस्तों के हस्तांतरण में आ रही दिक्कतों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि कई किसानों द्वारा सेल्फ रजिस्ट्रेशन के समय कृषि भूमि का विवरण सही तरीके से दर्ज नहीं किए जाने के कारण भुगतान में परेशानी आ रही है।
अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी कि जिन किसानों की किस्तें लंबित हैं, वे जन सुविधा केंद्र के माध्यम से "अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन" विकल्प का उपयोग कर अपनी भूमि संबंधी जानकारी संशोधित और अद्यतन कराएं, ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके।
कार्यक्रम में किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि खेत की उर्वरता बनाए रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को केवल सॉइल हेल्थ कार्ड की रिपोर्ट के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। इससे खेती की लागत कम होगी और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
किसान दिवस में कृषि विभाग के अलावा सिंचाई, ऊर्जा, उद्यान, मत्स्य, दुग्ध विकास, पशुपालन सहित कृषि उत्पादन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। विभिन्न विभागों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। विशेष रूप से फार्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित अनेक शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि किसान दिवस का उद्देश्य किसानों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी किसानों, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही।
