गुरुवार, 16 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: मातृ एवं शिशु पोषण को बढ़ावा: चिटेहरा में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, बच्चों का अन्नप्राशन और टीएचआर वितरण!!

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गौतमबुद्धनगर: मातृ एवं शिशु पोषण को बढ़ावा: चिटेहरा में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, बच्चों का अन्नप्राशन और टीएचआर वितरण!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 16 जुलाई 2026। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दादरी क्षेत्र के चिटेहरा आंगनवाड़ी केंद्र पर गुरुवार को मातृ एवं शिशु पोषण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण, गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दादरी के विधायक तेजपाल नागर और ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र भाटी ने लाभार्थियों को टीएचआर वितरित किया तथा सरकार की पोषण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान छह गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोदभराई कराई गई, जबकि छह बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार विधिवत संपन्न कराया गया। इसके अलावा 14 पात्र लाभार्थियों को टेक होम राशन (टीएचआर) वितरित किया गया। इस अवसर पर मौजूद महिलाओं और परिजनों को संतुलित आहार, स्वच्छता, गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पोषण तथा बच्चों के समुचित विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।

विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से नियमित रूप से टेक होम राशन प्राप्त करने और उसका निर्धारित तरीके से उपयोग करने की अपील की, ताकि कुपोषण को प्रभावी ढंग से रोका जा सके और स्वस्थ समाज का निर्माण हो।

कार्यक्रम में शिव नादर फाउंडेशन की डिप्टी मैनेजर अर्चना एवं डॉ. आशुतोष भी मौजूद रहे। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित भोजन, स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।

इस अवसर पर सीडीपीओ दादरी, सीडीपीओ बिसरख परियोजना, दोनों परियोजनाओं की मुख्य सेविकाएं (सुपरवाइजर), आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं, लाभार्थी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरकार की विभिन्न पोषण योजनाओं का उद्देश्य केवल पोषण सामग्री उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी है, ताकि जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके।।