गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में नाले की खुदाई बनी आफत: निर्माणाधीन दो मंजिला मकान भरभराकर गिरा, बड़ा हादसा टला!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 16 जुलाई। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र के तिलपता में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नाले की खुदाई के दौरान पास में स्थित एक निर्माणाधीन दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर ढह गया। देखते ही देखते पूरी इमारत जमीन में समा गई। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय भवन के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें निर्माणाधीन मकान कुछ ही सेकंड में ताश के पत्तों की तरह ढहता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नाले की खुदाई के दौरान कमजोर हुई नींव
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, साकीपुर रोड तिलपता पर सड़क और नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के तहत जेसीबी मशीन से नाले की खुदाई करते हुए दुकान के सामने की मिट्टी हटाई गई। इसी दौरान पास में स्थित निर्माणाधीन दो मंजिला भवन की नींव कमजोर हो गई और पूरी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई।
पुलिस ने बताई हादसे की वजह
पुलिस के अनुसार, यह निर्माणाधीन भवन ओमवीर पुत्र रमेश निवासी साकीपुर रोड तिलपता का है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भवन की नींव नाले के ऊपर तक फैली हुई थी। नाले की खुदाई के लिए मिट्टी हटाए जाने के बाद नींव का सहारा खत्म हो गया, जिसके चलते भवन ढह गया।
बड़ा हादसा टला, नहीं हुई कोई जनहानि
हादसे के समय निर्माणाधीन भवन में कोई मजदूर या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि उस समय निर्माण कार्य चल रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन गिरने से पहले तेज कंपन महसूस हुआ और कुछ ही क्षणों में पूरी इमारत ढह गई।
जांच में जुटे पुलिस और संबंधित विभाग
घटना की सूचना मिलते ही सूरजपुर थाना पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। मामले की जांच की जा रही है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और नाला निर्माण जैसे कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। इस घटना ने निर्माण कार्यों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
