शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में 'नो पावर कट ज़ोन' का दावा बेअसर! अघोषित कटौती, जर्जर बिजली व्यवस्था और जलभराव पर फूटा नागरिकों का गुस्सा, मुख्य अभियंता को सौंपा मांगपत्र!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में 'नो पावर कट ज़ोन' का दावा बेअसर! अघोषित कटौती, जर्जर बिजली व्यवस्था और जलभराव पर फूटा नागरिकों का गुस्सा, मुख्य अभियंता को सौंपा मांगपत्र!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी और "नो पावर कट ज़ोन" के रूप में पहचान रखने वाला नोएडा इन दिनों लगातार बिजली संकट से जूझ रहा है। शहर के विभिन्न सेक्टरों, आवासीय सोसायटियों, औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती, बार-बार होने वाले फॉल्ट और जर्जर विद्युत व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को नोएडा सिटीजन फोरम (एनसीएफ) की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने यूपीपीसीएल/पीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन से औपचारिक मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई।

बैठक के दौरान शालिनी सिंह ने कहा कि "नो पावर कट ज़ोन" का दर्जा मिलने के बावजूद नोएडा के नागरिक लगातार बिजली संकट झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि शहर के कई इलाकों में घंटों अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जर्जर और नीचे लटकते बिजली के तार हादसों को न्योता दे रहे हैं, खुले ट्रांसफॉर्मर और करंट उतरते बिजली के पोल लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। वहीं रात के समय फॉल्ट होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपलब्धता भी नहीं हो पाती, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

शालिनी सिंह ने डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार, बुजुर्ग और छोटे बच्चे रहते हैं, लेकिन उन्हें आज भी नियमित बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन क्षेत्रों को अब अवैध बताकर सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है तो जब वर्षों से यहां आबादी बस रही थी, तब संबंधित विभाग और प्राधिकरण ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।

बैठक में मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन ने स्वीकार किया कि वर्तमान समय में बिजली संकट का एक बड़ा कारण लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों और बिजलीघरों का जलमग्न होना है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर विद्युत आपूर्ति बहाल करना गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण को अलग से पत्र भेजा गया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य अभियंता ने एनसीएफ द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही नागरिकों से अपील की कि बिजली संबंधी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए विभाग की हेल्पलाइन 9193301659 का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।

एनसीएफ ने ज्ञापन के माध्यम से नोएडा के लिए दीर्घकालिक विद्युत मास्टर प्लान तैयार करने, नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने, जर्जर बिजली लाइनों को बदलने, सभी खुले ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, रात्रिकालीन आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत करने, शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा अवैध बिजली आपूर्ति करने वाले तथाकथित बिजली माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर 24 घंटे एक वरिष्ठ अधिकारी की क्रमवार तैनाती सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया गया।

शालिनी सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाला नोएडा आज अपनी सबसे बुनियादी आवश्यकता—बिजली—के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों की लापरवाही और समन्वय की कमी के कारण पूरे शहर में बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। यदि समय रहते समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो नोएडा सिटीजन फोरम जनहित में आगे की रणनीति तय करेगा और व्यापक जनआंदोलन पर भी विचार करेगा।