शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

लखनऊ : ATM बूथ से लेकर बैंक शाखा तक हड़कंप: ATM बदलकर खाते से 40 हजार किया पार,महिला ने लगाए बैक पर 50 हजार हड़पने के आरोप।|Lucknow: Chaos erupts from ATM booth to bank branch: 40,000 rupees withdrawn from account by replacing ATM; woman accuses bank of embezzling 50,000 rupees.||

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लखनऊ : 
ATM बूथ से लेकर बैंक शाखा तक हड़कंप: ATM बदलकर खाते से 40 हजार किया पार,महिला ने लगाए बैक पर 50 हजार हड़पने के आरोप।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कोतवाली मोहनलालगंज क्षेत्र में बैंकिंग से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने ग्राहकों की सुरक्षा और बैंकिंग प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर एसीपी कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का एटीएम कार्ड बदलकर जालसाज ने उसके खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए, वहीं दूसरी ओर एक महिला ने एसबीआई शाखा के कर्मचारियों पर बिना उसकी सहमति के खाते में जमा 50 हजार रुपये बीमा योजना में निवेश कर खाता खाली करने का गंभीर आरोप लगाया है। दोनों मामलों में शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
विस्तार : 
पहली घटना - मिली जानकारी के अनुसार उन्नाव जनपद के मकदूमपुर निवासी जाहेंद्र कुमार, जो मोहनलालगंज स्थित सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात हैं, 21 जुलाई को कस्बे के एसबीआई एटीएम बूथ पर नकदी निकालने पहुंचे थे। आरोप है कि उसी दौरान बूथ में मौजूद एक शातिर व्यक्ति ने झांसा देकर उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और उन्हें दूसरा कार्ड थमा दिया।
कुछ ही देर बाद मोबाइल पर खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 40 हजार रुपये निकलने के संदेश आए तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित ने तत्काल पुलिस से शिकायत की। प्रभारी निरीक्षक रामबाबू सिंह ने बताया कि अज्ञात जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
दूसरी घटना - महिला ने बैंक कर्मचारियों पर लगाया गंभीर आरोप।
दूसरे मामले में रायबरेली जनपद के भैरमपुर गांव निवासी समिता रावत ने मोहनलालगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के कर्मचारियों पर बिना जानकारी और सहमति के उसके खाते से 50 हजार रुपये बीमा योजना में निवेश करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता समिता रावत ने बताया कि वह पीजीआई क्षेत्र में घरों में साफ-सफाई का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। उन्होंने 1 जुलाई को एसबीआई मोहनलालगंज शाखा में नया बैंक खाता खुलवाया था। किसी आवश्यक कार्य के लिए उनके पिता ने खाते में 50 हजार रुपये भेजे थे।
महिला का कहना है कि 18 जुलाई को जब वह बैंक से पैसे निकालने पहुंची तो पता चला कि खाते की पूरी राशि बीमा योजना में निवेश कर दी गई है। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि अब इस योजना के तहत हर वर्ष 50 हजार रुपये का प्रीमियम भी जमा करना होगा, जबकि उनकी मासिक आय लगभग 5 हजार रुपये है। ऐसे में वह इतनी बड़ी राशि जमा करने में सक्षम नहीं हैं।
पीड़िता ने एसीपी मोहनलालगंज आर.के. सिंह से तहरीर देते हुए शिकायत कर न्याय की मांग की। एसीपी ने शिकायत के आधार पर पुलिस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शाखा प्रबंधक ने आरोपों को बताया निराधार।
वहीं एसबीआई शाखा प्रबंधक आर्ष महाजन ने महिला के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना बैंक किसी बीमा अथवा निवेश योजना में धनराशि निवेश नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।