लखनऊ :
अदृश्य लुटेरों ने ऑनलाइन पांच लाख 80 हजार की लूट,अब 19 लाख का बना रहे दबाव।
●ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने बुजुर्ग को बनाया शिकार, पीजीआई थाने में शिकायत।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। ताजा मामले में ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर एक बुजुर्ग से करीब 5.80 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली गई। हैरानी की बात यह है कि ठगी के बाद भी साइबर लुटेरे पीड़ित के संपर्क में हैं और अब 19 लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। पीडित के बेटे ने मामले को लेकर थाना साइबर क्राइम ब्रांच समेत पीजीआई थाने में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
विस्तार :
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना पीजीआई क्षेत्र रथिन्द्र नगर तेलीबाग निवासी वरिष्ठ नागरिक सतीश कुमार तिवारी को साइबर ठगों ने ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। शुरुआत में मामूली लाभ दिखाकर उनका विश्वास जीता गया, जिसके बाद 15 जुलाई 2026 को विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शनों में लगभग 5.80 लाख रुपये जमा करा लिए गए।
पीड़ित बुजुर्ग के पुत्र अमित कुमार तिवारी ने थाना साइबर क्राइम ब्रांच समेत पीजीआई थाने में दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस को बताया कि ठग अब भी लगातार फोन और ऑनलाइन माध्यम से संपर्क कर रहे हैं तथा निवेश पूरा करने के नाम पर 19 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बना रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया है कि उनके पास बैंक ट्रांजेक्शन की रसीदें, खातों का विवरण, मोबाइल नंबर, चैट, स्क्रीनशॉट सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। इस मामले में साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज करा रखा है। पीड़ित ने पुलिस से इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर साइबर ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
●दो टूक मीडिया का साइबर जागरूकता सन्देश-
● बताते चले- अदृश्य लुटेरे शुरुआती मुनाफा दिखाकर बड़ी रकम निवेश कराने का यह तरीका इन दिनों साइबर ठगों का सबसे आम हथकंडा बनता जा रहा है। लोगों से अपील है कि बिना सत्यापन किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश प्लेटफॉर्म पर धनराशि निवेश न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में पुलिस को दें। डिजिटल युग में सजगता और सावधानी ही ही सुरक्षा के उपाय है।।
