गौतमबुद्धनगर: करोड़ों के ड्रेनेज बजट की खुली पोल: पहली ही तेज बारिश में डूबा हाईटेक सिटी नोएडा, सेक्टर-49 और बरौला में जलभराव से हाहाकार।।
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। विश्वस्तरीय और हाईटेक शहर होने का दावा करने वाला नोएडा एक बार फिर मानसून की तेज बारिश के सामने बेबस नजर आया। पहली ही तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सेक्टर-49 और गांव बरौला में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। जलभराव के कारण कई वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो गए, जबकि कई गाड़ियां गहरे गड्ढों में फंस गईं। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को घंटों तक गाड़ियों में धक्का लगाकर उन्हें बाहर निकालना पड़ा।
बारिश का पानी सड़कों पर इस कदर भर गया कि कई स्थानों पर सड़क और गड्ढों का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही हालात पैदा होते हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि नोएडा प्राधिकरण हर साल नालों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था और जल निकासी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका कोई असर दिखाई नहीं देता। थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वरिष्ठ किसान नेता बी.सी. प्रधान ने कहा कि सेक्टर-49 और गांव बरौला में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है। हर मानसून में लोग इसी परेशानी से जूझते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी दावे करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर नालों की सफाई और प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था की जाती, तो लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
बारिश के बाद क्षेत्र में लंबे समय तक जलभराव बना रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में होने वाली बारिश शहर की व्यवस्था पर और बड़ा संकट खड़ा कर सकती है।।
