लखनऊ :
बंद दुकानों का शटर तोड़कर चोरी करने वाला गैंग चढ़ा पुलिस के हत्थे,4 गिरफ्तार,माल बरामद।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना मडियांव क्षेत्र में बंद दुकानों का शटर तोड़कर चोरी करने वाला गैंग के चार शातिर चोरो को गिरफ्तार कर पुलिस टीम ने खुलासा किया। गिरफ्तार चोरो के पास से भारी मात्रा मे चोरी समान बरामद हुआ है।
यह खुलासा क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम और मड़ियांव पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 44 हजार रुपये नकद, लाखों रुपये मूल्य का चोरी का सामान, चार चोरी की मोटरसाइकिलें, वारदात में प्रयुक्त डाला वाहन, कटर, लोहे की रॉड तथा अन्य औजार बरामद किए गए हैं।
विस्तार :
पुलिस के अनुसार बीते पांच जुलाई को थाना मडियांव क्षेत्र त्रिवेणी नगर निवासी शुभम चौरसिया की दुकान का शटर तोड़कर चोरी की गई थी। इस मामले में पीडित दुकानदार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने स्थानीय थाना क्षेत्र कोयला ढलान के पास घेराबंदी कर चार संदिग्धों को चोरी के सामान से लदे डाले के साथ पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध लखनऊ समेत आस-पास के जिलों में हुई कई चोरी की घटनाओं से सामने आया है।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से चोरो तक पहुंची पुलिस।
पुलिस के मुताबिक,चोरी की घटना का खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों पर निगरानी शुरू की। इसी क्रम में 24 जुलाई को मिली सूचना पर कोयला ढलान क्षेत्र में घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले बंद और सुनसान दुकानों की रेकी करते थे। रात के समय कटर और अन्य औजारों से शटर काटकर अंदर घुसते और नकदी, पान मसाला, तंबाकू, जनरेटर के पार्ट्स, मोटरसाइकिल समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
चोरी का माल अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर स्थानीय बाजारों में कम कीमत पर बेच दिया जाता था। पुलिस की नजर से बचने के लिए आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों का इस्तेमाल करते थे तथा हर वारदात के बाद अपना ठिकाना बदल लेते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सीतापुर निवासी सुनील कश्यप, आयुष चौधरी, लखनऊ में रह रहा अनूप मौर्य उर्फ मोनू तथा मो. हिसामुद्दीन उर्फ छोटू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, चारों के खिलाफ पहले से भी चोरी और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार शातिर आरोपियो कू खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया है।
