लखनऊ :
करंट से रसोइये की मौत के 3 महीने बाद कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज।।
●मृतक की पत्नी का रेस्टोरेंट मालिक पर लापरवाही का आरोप।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कोतवाली कृष्णानगर क्षेत्र स्थित कान्हा रेस्टोरेंट में करंट लगने से रसोइये की मौत के मामले में मृतक की पत्नी ने जब पुलिस ने न्याय नही दिया तो न्यायालय की शरण ली है।
आरोप है कि घटना को तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़िता ने रेस्टोरेंट मालिक की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, कक्ष संख्या-7, लखनऊ की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।सुनवाई के उपरांत कोर्ट के आदेश पर थाना कृष्णा नगर पुलिस ने बीते बुधवार 21 जुलाई को पीडिता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर हादसे की जांच शुरु कर दी।
विस्तार :
जानकारी के अनुसार थाना पारा क्षेत्र काशीराम कालोनी हंस खेड़ा निवासिनी रामवती पत्नी स्व०छोटे लाला के तहरीर के अनुसार पीडिता के पति छोटे लाल कृष्णानगर स्थित कान्हा रेस्टोरेंट में खाना बनाने का काम करते थे। पीडिता का आरोप है कि 30 जून 2025 की रात करीब 8:30 बजे रेस्टोरेंट का दूसरा शटर बंद करते समय उन्हें तेज करंट लग गया। गंभीर हालत में सहकर्मी संतोष उन्हें लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
●रेस्टोरेंट मालिक की लापरवाही से हुई मौत का आरोप।
पीड़िता का आरोप है कि यह हादसा रेस्टोरेंट प्रबंधन की घोर लापरवाही का परिणाम था। घटना के बाद थाना कृष्णा नगर पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए
पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अंतिम संस्कार भी करा दिया, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
●थाने से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक लगाई गुहार।
पीडिता रामावती का कहना है कि वह घटना के बाद लगातार कृष्णा नगर थाने के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। फिर पुलिस आयुक्त, लखनऊ को भी प्रार्थना पत्र भेजा, इसके बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया।
●राजनीतिक दबाव और धमकी का आरोप।
पीड़िता ने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि रेस्टोरेंट संचालकों का राजनीतिक प्रभाव होने के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। साथ ही उन्हें और उनके परिवार को जान-माल की धमकियां भी दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार भयभीत है।
●पीडिता परेशान होकर न्यायालय से एफआईआर दर्ज कराने की मांग।
पीडिता रामावती ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि कृष्णानगर थाना प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच एवं विधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो। फिलहाल न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
